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ZyCoV-D Vaccine: शुरुआती दौर में यूपी समेत सात राज्यों में होगा जायडस कैडिला की कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल, पढ़िए पूरी जानकारी

Thu, 02 Dec 2021 06:23 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 02 Dec 2021 06:23 PM IST
सार

कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ दुनिया का पहला डीएनए प्लास्मिड टीका जायकोव-डी को शुरुआती दौर में सात राज्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। यह एक सुई रहित टीका है जिसकी तीन खुराकें लगाई जाएंगी।

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Zydus Cadila Covid19 vaccine ZyCoVD to be used in seven states initially says Union Health Ministry
जायडस कैडिला की कोरोना वैक्सीन - फोटो : social media

विस्तार

जायडस कैडिला के कोरोना वायरस रोधी टीके जायकोव-डी का शुरुआती दौर में सात राज्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। इन राज्यों को ऐसे जिलों की पहचान करने के लिए कहा गया है जहां बड़ी संख्या में पात्र लोगों को अभी तक टीके पहली खुराक भी नहीं मिल पाई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान में कहा गया कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सात राज्यों को सलाह दी है कि जायडल कैडिला के टीके को उतारने के लिए ऐसे जिलों की पहचान करें जहां बड़ी संख्या में लोग टीके की पहली खुराक से वंचित हैं। 

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राजेश भूषण ने सात राज्यों को ये सलाह 'हर घर दस्तक' अभियान को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशकों के साथ समीक्षा और प्रगति बैठक में दी। ये सात राज्य बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल हैं। जायकोव-डी पहला ऐसा टीका है जिसे भारत के औषधि नियामक की ओर से 12 वर्ष और इससे अधिक आयु के लोगों के लिए अनुमति दी गई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी इस टीके की खुराक केवल वयस्कों को ही देने का फैसला किया है।
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सुई रहित है टीका, वैक्सीनेशन के लिए पूरी हो चुकी है प्रशिक्षण प्रक्रिया
बयान में कहा गया कि जायकोव-डी टीका लगाने के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सातों राज्यों से फार्माजेट इंजेक्टर के आधार पर सत्रों की योजना बनाने और इसका इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित वैक्सीनेटरों की पहचान करने के लिए कहा गया है। उल्लेखनीय है कि यह टीका पारंपरिक सुई वाले तरीके के बजाय एक सुई रहित इंजेक्टर फार्माजेट के जरिए लगाया जाएगा। कंपनी के अनुसार यह मानवीय उपयोग के लिए दुनिया का पहला डीएनए प्लास्मिड टीका है, जिसे कोविड-19 महामारी के खिलाफ देश में ही विकसित किया गया है।
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तीन खुराकें लगाई जाएंगी, हर खुराक के बीच इतने दिनों का रहेगा अंतर
इस कोरोना रोधी टीके की तीन खुराकें लगाई जाएंगी और हर खुराक के बीच 28 दिन का अंतराल रहेगा। भारतीय औषधि नियामक की ओर से इस टीके को 20 अगस्क को आपात उपयोग की अनुमति दी गई थी। जायडस कैडिला ने आठ नवंबर को बताया था कि उसे केंद्र सरकार की ओर से 265 रुपये प्रति खुराक की दर से एक करोड़ खुराकों की आपूर्ति करने का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने एक नियामकीय फाइलिंग में जानकारी दी थी कि इस टीके को लगाने के लिए फार्माजेट इंजेक्टर की कीमत 93 रुपये प्रति खुराक (बिना जीएसटी) तय की गई है। 

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