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विदेशी राजदूतों को योगी भेज रहे हैं कुंभ का निमंत्रण, देश के छह लाख गांवों को भी न्योता
शरद गुप्ता, नई दिल्ली
Updated Sat, 27 Oct 2018 03:37 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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डेढ़ महीने बाद प्रयागराज में शुरू हो रहे कुंभ मेले में हमारे देश में स्थित सभी विदेशी राजदूतों को आमंत्रित किया जा रहा है। साथ ही देश के छह लाख गांवों में से हर एक को कुंभ के लिए अलग से निमंत्रण भेजा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि कुंभ पूरे विश्व में अपने तरह का अनूठा आयोजन है जहां करोड़ों लोगों के लिए एक पूरा शहर बसाया जाता है।
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वे विदेशी राजदूतों और हाई कमिश्नर को दिखाना चाहते हैं कि यह अस्थाई शहर कैसे बनता है और 48 दिनों तक इसकी व्यवस्था सुचारु रूप से कैसे चलती है। यूनेस्को ने भी कुंभ को भारत की सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी है। यही नहीं, वे चाहते हैं कि इस बार पूरे देश के कोने-कोने से लोग कुंभ में आएं।
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यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से एक निजी निमंत्रण देश के छह लाख गांवों को उनके राज्य के मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जा रहा है। उनकी कोशिश है कि हर गांव से कम से कम एक व्यक्ति कुंभ में जरूर भाग ले। इसके लिए योगी आदित्यनाथ ने रेल मंत्रालय से देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रयाग के लिए 400 ट्रेनों का इंतजाम करने का आग्रह किया है।
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पहली बार होंगे अक्षय वट वृक्ष और सरस्वती कूप के दर्शन
इस बार का कुंभ इस मामले में भी अनूठा होगा कि यहां आने वालों को पहली बार अक्षय वट वृक्ष और सरस्वती कूप के दर्शन होंगे। दरअसल ये दोनों संगम पर स्थित अकबर के किले के अंदर हैं। चूंकि किला रक्षा मंत्रालय के कब्जे में है, वहां आम नागरिकों का प्रवेश वर्जित है। मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को ही आम नागरिकों के प्रवेश की इजाजत दे दी है। माना जाता है कि त्रिवेणी पर गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का संगम है। इनमें सरस्वती अदृश्य रूप में हैं।
लेकिन उनके दर्शन सरस्वती कूप में अभी भी हो सकते हैं लेकिन सेना की गतिविधियों का केंद्र होने की वजह से वह आम लोगों के लिए सुलभ नहीं था। लेकिन यहां भगदड़ न मचे, इसका भी पुख्ता इंतजाम होगा। दर्शनार्थी एक गेट से प्रवेश करेंगे और दूसरे से निकलेंगे। अभी तक घुसने और निकलने के लिये किले का एक ही गेट था।
साथ ही भारद्वाज आश्रम, ऋग्वेद आश्रम और वेणीमाधव मंदिर का सौंदर्यीकरण चल रहा है। वेणीमाधव को प्रयागराज का इष्टदेव माना जाता है जबकि भारद्वाज आश्रम इस शहर का सबसे पुराना आश्रम है। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहली बार कुंभ के लिए अस्थाई निर्माण के साथ ही प्रयागराज शहर में स्थाई निर्माण भी कराया जा रहा है। शहर में 12 आरओबी बन रहे हैं, सड़कें चौड़ी की जा रही हैं, अंडरपास बनाए जा रहे हैं और शहर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।