फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   yashwant sinha formed National Forum for people problems and said farmers condition worsens

किसानों की हालत भिखारियों जैसी: यशवंत सिन्हा

Wed, 31 Jan 2018 12:18 PM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 31 Jan 2018 12:18 PM IST
विज्ञापन
yashwant sinha formed National Forum for people problems and said farmers condition worsens

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने नेशनल फोरम (राष्ट्र मंच) का गठन किया है। उनके साथ वाम दलों को छोड़कर शेष कई दलों के नेता आए हैं। पूर्व रेलमंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता दिनेश त्रिवेदी, भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा समेत अन्य लोगों ने शिरकत की। इस दौरान यशवंत सिन्हा ने जनमोर्चा के गठन की बाकायदा घोषणा की लेकिन इसी के साथ दो टूक कहा कि उनका यह मंच किसी राजनीतिक पार्टी के बैनर के नीचे काम नहीं करेगा।

विज्ञापन


कई दलों के नेताओं ने लिया भाग
यशवंत सिन्हा के साथ राजनीति और नौकरशाही से जुड़े लोग आए। उनका दावा है कि आने वाले समय में अभी काफी लोग इससे जुड़ेंगे। उन्होंने कहा भी कि मौजूदा भाजपा में लोग डरे हुए हैं। इसलिए खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को उनके साथ राष्ट्र मंच की घोषणा के समय गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री सुरेश मेहता, पूर्व नौकरशाह केसी सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सोमपाल, कांग्रेस की किरण चौधरी, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, आशुतोष, हर मोहन धवन, राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी, जद(यू) के पवन वर्मा, एनसीपी के माजिद मेमन समेत तमाम राजनीतिक दलों से जुड़े लोग मौजूद थे। तृणमूल के दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि हम डरते नहीं, इसलिए हम यहां हैं।
विज्ञापन


हक की लड़ेंगे लड़ाई
यशवंत सिन्हा ने कहा कि आज देश की हालत काफी खस्ता हो गई है। संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने अपने राष्ट्र मंच को एक आंदोलन बताया और कहा कि देश के किसानों की हालत भिखारियों जैसी हो गई है। पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि उनका यह मंच किसानों को उनका हक दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेगा। वह केन्द्र सरकार की मनमानी नीतियों के खिलाफ आंदोलन भी शुरू करेंगे। यह हुंकार उस यशवंत सिन्हा की है जो पिछले काफी समय से सरकार और सक्रिय राजनीति से बाहर हैं। लेकिन चाहे जम्मू-कश्मीर में अमन के प्रयास की दिशा में पहल का प्रश्न हो या कुछ ऐसे और मुद्दे पर वह लगातार सक्रिय रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में प्रबुद्ध लोगों का एक समूह बनाकर वह वहां दौरे भी कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

'हम किसी से नहीं डरते'

yashwant sinha formed National Forum for people problems and said farmers condition worsens

यशवंत सिन्हा ने केन्द्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीति दोनों पर करारा प्रहार किया। सिन्हा ने कहा कि भाजपा में रहते हुए हर कोई डरा हुआ है। इसलिए कोई कुछ नहीं बोल रहा है, लेकिन वह नहीं डरते।

अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की आंकड़े बाजी पर भी गंभीर सवाल उठाया। इससे पहले सोमवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भी केन्द्र सरकार को आड़े हाथो लिया था। सिन्हा ने कहा कि नेशनल फोरम एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि मंच है। यह सरकार की ऐसी नीतियों के खिलाफ लगातार अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि एक तरफा फैसला लेना देश के लिए खतरनाक है। इसलिए अब देश में मुद्दों पर बातचीत और बहस होगी।

राष्ट्र मंच क्या है
राष्ट्र मंच को लेकर यशवंत सिन्हा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने इसे राष्ट्रीय मुद्दों पर आधारित एक बहस और चर्चा का मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच किसी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं है। न ही यह किसी राजनीतिक पार्टी के बैनर के नीचे काम करेगा। 80 साल के यशवंत सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनकी कोई राजनीतिक महात्वाकांक्षा नहीं है। खुद के उनके शब्दों में कि कोई उन्हें चाहे जो कहे लेकिन वह अपने कर्तव्य से नहीं भाग सकते। गौरतलब है कि इससे पहले कश्मीर के मुद्दे से लेकर आर्थिक मुद्दे तक यशवंत सिन्हा अपनी बेबाक राय रख चुके हैं।

उन्होंने नोटबंदी के निर्णय की खुली आलोचना की थी और जीएसटी के लागू करने के तरीके पर भी सवाल उठा चुके हैं। तब प्रतिक्रिया में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उनपर बेरोजगार होने का तंज कसा था। यशवंत सिन्हा झारखंड और महाराष्ट्र में भी मुद्दों को उठा चुके हैं। वह बताना चाहते हैं कि उनके मंच को किसी राजनीतिक दल के पक्ष में या किसी के विरोध में देखने की बजाय इसे राष्ट्रीय हित में आंदोलन करने वाले संगठन के रुप में देखा जाए।

शत्रुघ्न सिन्हा के तर्क

यशवंत सिन्हा के राष्ट्रीय मंच पर शत्रुघ्न सिन्हा की मौजूदगी को लेकर शत्रुघ्न ने भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि यहां आना और राष्ट्र मंच में शामिल होना कोई पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं है। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्हें भाजपा में रहकर अपनी बात रखने का कोई मंच नहीं मिल पा रहा था। इसलिए वह राष्ट्रीय मंच से जुड़े हैं। शत्रुघ्न सिन्हा के अनुसार उनके इस कदम को  भाजपा विरोधी गतिविधि के रूप में न लिया जाए।

बढ़ाया दबाव
एक फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद भवन में बजट 2018-19 पेश करेंगे। वैसे भी इस साल आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। 2019 में कई राज्यों के साथ-साथ आम चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में, केन्द्र सरकार के आखिरी पूर्ण कालिक बजट को पेश करने से पहले पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने राष्ट्र मंच का गठन कर दिया है। यशवंत सिन्हा ने साफ किया है कि वह सरकार के एक तरफा और मनमाने फैसले के खिलाफ अपना राष्ट्रीय दायित्व निभाएंगे। किसानों के हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन उनका यह मंच किसी राजनीतिक पार्टी के न तो खिलाफ है और न ही किसी राजनीतिक पार्टी के बैनर तले काम करेगा। यानी गैर राजनीतिक संगठन होकर सरकार द्वारा लिए फैसले का राष्ट्रीय में विरोध करेगा। लोगों के हक के लिए आंदोलन करेगा। इससे साफ है कि एक तरफ जहां वह केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ और मुखर होंगे, वहीं सरकार के खिलाफ एक माहौल भी खड़ा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed