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विश्व हेपेटाइटिस दिवस आज : लाखों मरीजों के लिए सरकार ने बनाया मास्टर प्लान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Jul 2018 01:58 AM IST
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टीबी के साथ देश में हेपेटाइटिस पर भी सरकार ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इस बीमारी से लोगों को बचाने के लिए युद्घ स्तर पर काम शुरू हो चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा हेपेटाइटिस के लाखों मरीजों को संजीवनी देने के लिए शनिवार को नई गाइडलाइन भी लेकर आ रहे हैं। इसके साथ ही देश भर में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम का आगाज होगा। 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस की पूर्व संध्या पर राजधानी के विशेषज्ञों ने इस बीमारी की भयावहता को साझा किया।
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मैक्स अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा के अनुसार, अनुमानित तौर पर दिल्ली में हर दिन 100 से ज्यादा मरीज लिवर की समस्या को लेकर भर्ती हो रहे हैं। जबकि कालरा अस्पताल के निदेशक डॉ. आरएन कालरा का कहना है कि हेपेटाइटिस संक्रमण को समय रहते रोका जा सकता है। इसके लिए जागरूकता और उपचार दोनों ही समय पर जरूरी है। लिवर में वायरल संक्रमण की वजह से आने वाली सूजन ही हेपेटाइटिस का रूप होती है। चूंकि इसके लक्षण अन्य बीमारियों से काफी मिलते जुलते हैं।
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इसलिए समय रहते मरीज मेडिकल जांच नहीं करा पाते। उधर, 10 लाख मरीजों पर किए सर्वे में एसआरएल
डायग्नोस्टिक ने दावा किया है कि भारत में दूषित पानी की वजह से हेपेटाइटिस ई ज्यादा फैल रहा है। सर्वे के अनुसार 10 लाख में से 24 फीसदी लोग हेपेटाइटिस ई के शिकार हैं।
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क्या कहती है नई गाइडलाइन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार हेपेटाइटिस की नई गाइडलाइन के अनुसार, दुनिया भर में इस बीमारी से हर साल करीब 13 लाख लोग संक्रमित हो रहे हैं। भारत में हर वर्ष इसकी वजह से करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत हो रही है।
मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने बताया कि नई गाइडलाइन के तहत वर्ष 2021 तक 42 लाख मरीजों को घर बैठे उपचार देने के लिए योजना तैयार की है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक नेटवर्क भी बनाया है। साथ ही अस्पतालों को विशेष निर्देश भी दिए जा रहे हैं।