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गुजरात: 202 दिन बाद कोरोना संक्रमित महिला को अस्पताल से मिली छुट्टी, दूसरी लहर में हुई थी संक्रमित
Sat, 20 Nov 2021 03:26 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Sat, 20 Nov 2021 03:26 PM IST
सार
महिला गत एक मई को कोरोना वायरस से संक्रमित पायी गई थी। 202 दिन बाद महिला को
रेलवे के अस्पताल से छुट्टी दी गई है। यह जानकारी महिला के परिवार के सदस्यों ने दी।
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कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गुजरात में कोरोना संक्रमित मरीज को 202 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई है। दाहोद स्थित 45 वर्षीय गीता धर्मिक 1 मई 2021 को कोरोना संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती हुई थीं। तब से महिला का इलाज अस्पताल में चल रहा था। करीब साढ़े छह महीने बाद 20 नवंबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई। महिला के परिजन ने बताया कि गीता धर्मिक के पति दाहोद में रेलवे कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि गीता महामारी की दूसरी लहर के दौरान भोपाल से लौटने पर कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं। आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दाहोद रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके ठीक होने के बाद उसे छुट्टी देने का फैसला किया।
महिला के पति त्रिलोक धर्मिक ने मीडिया को बताया कि दाहोद रेलवे अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिवार के सदस्यों ने उसका घर पर खुशी से स्वागत किया। वह कुल 202 दिनों तक दाहोद और वडोदरा में अस्पताल में भर्ती रही, इस दौरान उसे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर रखा गया।
भोपाल से लौटने के बाद संक्रमित हुई थी महिला
त्रिलोक धर्मिक ने कहा कि इस अवधि के दौरान उन्होंने नौ बार उनके (गीता के) ठीक होने की उम्मीद खो दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे ससुर की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु होने के बाद हम 23 अप्रैल को भोपाल गए थे। 25 अप्रैल को दाहोद लौटने के बाद, मेरी पत्नी में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए थे और एक मई को वह जांच में संक्रमित पाई गई थी। उसी रात दाहोद के रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि आज परिवार में खुशी का माहौल है।
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महिला के पति त्रिलोक धर्मिक ने मीडिया को बताया कि दाहोद रेलवे अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिवार के सदस्यों ने उसका घर पर खुशी से स्वागत किया। वह कुल 202 दिनों तक दाहोद और वडोदरा में अस्पताल में भर्ती रही, इस दौरान उसे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर रखा गया।
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भोपाल से लौटने के बाद संक्रमित हुई थी महिला
त्रिलोक धर्मिक ने कहा कि इस अवधि के दौरान उन्होंने नौ बार उनके (गीता के) ठीक होने की उम्मीद खो दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे ससुर की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु होने के बाद हम 23 अप्रैल को भोपाल गए थे। 25 अप्रैल को दाहोद लौटने के बाद, मेरी पत्नी में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए थे और एक मई को वह जांच में संक्रमित पाई गई थी। उसी रात दाहोद के रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि आज परिवार में खुशी का माहौल है।
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