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कर्नाटक: 'अगर भ्रष्टाचार साबित हुआ तो इस्तीफा दूंगा', मंत्री जमीर अहमद ने आवास घोटाले के आरोपों को किया खारिज
Tue, 24 Jun 2025 03:29 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 24 Jun 2025 03:29 PM IST
सार
कर्नाटक सरकार में मंत्री जमीर अहमद खान ने कहा कि अगर उनके विभाग में भ्रष्टाचार का कोई आरोप साबित हुआ तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने आरोप लगाने वाले पार्टी के नेताओं बी.आर. पाटिल और राजू कागे को खुली चुनौती दी कि वे उन अधिकारियों के नाम बताएं, जिन्होंने घर देने के बदले पैसे लिए हैं।
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जमीर अहमद खान
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
कर्नाटक के आवास एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री जमीर अहमद खान ने अपने विभाग में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाने वाले पार्टी नेताओं से कहा कि वह यह बताएं कि किस अधिकारी ने रिश्वत ली है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर भ्रष्टाचार साबित हुआ तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अगर मैं कहीं भी शामिल पाया जाता हूं या जांच में मेरा नाम आता है, तो मैं तुरंत इस्तीफा दे दूंगा और पद छोड़ दूंगा। मैं अपनी कुर्सी से चिपककर नहीं बैठा हूं।
उन्होंने पार्टी के नेताओं बी.आर. पाटिल और राजू कागे को खुली चुनौती दी कि वे उन अधिकारियों के नाम बताएं, जिन्होंने घर देने के बदले पैसे लिए हैं। उन्होंने कहा, पाटिल ने सीधे मुझ पर आरोप नहीं लगाए हैं। मैंने वह ऑडियो सुना है। हमने विधायक की सिफारिशों पर ही आवास वितरित किए हैं। बीआर पाटिल को उन लोगों के नाम बताने चाहिए जिन्होंने पैसे लिए हैं।
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जमीर अहमद खान ने यह भी कहा कि वह सीबीआई जांच के लिए तैयार हैं और उनके विभाग में इस मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, मैं अपने बयान पर कायम हूं। बीआर पाटिल ने जो भी आरोप लगाए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। मैं सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हूं। मैंने अधिकारियों से भी कहा है कि इस पूरे मामले की जांच करें कि क्या किसी ने पैसे लिए या मांगे या पैसे देकर घर आवंटित कराए। बीआर पाटिल और राजू कागे को उन लोगों के नाम बताने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार करने में कोई रुचि नहीं है। घर देने में देरी इसलिए हो रही है, क्योंकि आवेदन बहुत ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंचायतों में अब तक 900 से ज्यादा घर बांटे जा चुके हैं।
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उन्होंने कहा, पहले हम 1 लाख रुपए से ऊपर की राशि घर के लिए देते थे, लेकिन मैंने कहा कि यह बढ़ाकर कम से कम 3 लाख करनी चाहिए। हम पहले से बनाए जा रहे घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, इसलिए नए आवंटन में देरी हो रही है। बीआर पाटिल साहब ने 2000 घर मांगे थे, हम पंचायतों में 900 से ज्यादा घर दे चुके हैं।
हाल ही में कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यक आवास आवंटन कोटे को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15% कर दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता बीआर पाटिल की एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग लीक हुई, जिसमें वह आवास आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पाटिल को 25 जून को मिलने के लिए बुलाया है। खास बात यह है कि कांग्रेस विधायक राजू कागे ने भी पाटिल के आरोपों का समर्थन किया है और कहा कि अगरदो दिन में वह इस्तीफा दे दें हैरानी की बात नहीं है।
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उन्होंने पार्टी के नेताओं बी.आर. पाटिल और राजू कागे को खुली चुनौती दी कि वे उन अधिकारियों के नाम बताएं, जिन्होंने घर देने के बदले पैसे लिए हैं। उन्होंने कहा, पाटिल ने सीधे मुझ पर आरोप नहीं लगाए हैं। मैंने वह ऑडियो सुना है। हमने विधायक की सिफारिशों पर ही आवास वितरित किए हैं। बीआर पाटिल को उन लोगों के नाम बताने चाहिए जिन्होंने पैसे लिए हैं।
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जमीर अहमद खान ने यह भी कहा कि वह सीबीआई जांच के लिए तैयार हैं और उनके विभाग में इस मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, मैं अपने बयान पर कायम हूं। बीआर पाटिल ने जो भी आरोप लगाए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। मैं सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हूं। मैंने अधिकारियों से भी कहा है कि इस पूरे मामले की जांच करें कि क्या किसी ने पैसे लिए या मांगे या पैसे देकर घर आवंटित कराए। बीआर पाटिल और राजू कागे को उन लोगों के नाम बताने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार करने में कोई रुचि नहीं है। घर देने में देरी इसलिए हो रही है, क्योंकि आवेदन बहुत ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंचायतों में अब तक 900 से ज्यादा घर बांटे जा चुके हैं।
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उन्होंने कहा, पहले हम 1 लाख रुपए से ऊपर की राशि घर के लिए देते थे, लेकिन मैंने कहा कि यह बढ़ाकर कम से कम 3 लाख करनी चाहिए। हम पहले से बनाए जा रहे घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, इसलिए नए आवंटन में देरी हो रही है। बीआर पाटिल साहब ने 2000 घर मांगे थे, हम पंचायतों में 900 से ज्यादा घर दे चुके हैं।
हाल ही में कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यक आवास आवंटन कोटे को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15% कर दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता बीआर पाटिल की एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग लीक हुई, जिसमें वह आवास आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे थे। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पाटिल को 25 जून को मिलने के लिए बुलाया है। खास बात यह है कि कांग्रेस विधायक राजू कागे ने भी पाटिल के आरोपों का समर्थन किया है और कहा कि अगरदो दिन में वह इस्तीफा दे दें हैरानी की बात नहीं है।