WB: ममता को बिड़ला तारामंडल से रैली करने की मिली इजाजत, कोर्ट ने पुलिस को दिए आदेश, जानें क्या है पूरा मामला
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता गुट को शहीद दिवस के दिन बिड़ला तारामंडल के पास रैली करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने भीड़ की सीमा 2,500 तय की गई है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता गुट को शहीद दिवस के दिन बिड़ला तारामंडल के पास रैली करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने भीड़ की सीमा 2,500 तय की गई है।
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कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस को दक्षिण कोलकाता के बिड़ला तारामंडल के सामने रैली करने की अनुमति दे दी है। दरअसल ममता बनर्जी के गुट ने सुझाव दिया था कि अगर उन्होंने 21 जुलाई को एस्प्लेनेड स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने आयोजित होने वाली शहीद दिवस रैली की अनुमति नहीं दी जाती है, तो उसे दक्षिण कोलकाता के बिड़ला तारामंडल के सामने आयोजित करने की अनुमति दी जाए।
वकील ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की अदालत में ममता गुट के वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि दो-तीन वर्षों को छोड़कर, यह रैली 1993 से ममता बनर्जी के नेतृत्व में मध्य कोलकाता के विक्टोरिया हाउस के सामने आयोजित की जा रही है। उन्होंने मेट्रो चैनल या एस्प्लेनेड पर स्थित डोरिना क्रॉसिंग को वैकल्पिक स्थल के रूप में भी सुझाया।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने साफ कर दिया कि वे विक्टोरिया हाउस के सामने रैली की अनुमति नहीं देंगे क्योंकि इससे शहर के मध्य में स्थित प्रमुख चित्तरंजन एवेन्यू पर यातायात अवरुद्ध हो जाएगा। कल्याण बनर्जी ने कहा कि पुलिस ने इस दिन को मनाने के लिए दो अन्य रैलियों की अनुमति दी। एक दूसरे गुट द्वारा महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मायो रोड पर और दूसरी कांग्रेस पार्टी द्वारा शहीद मीनार मैदान पर, दोनों 21 जुलाई को आयोजित की गईं।
टीएमसी सांसद ने क्या बोला?
वकील और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी कहते हैं, 'कलकत्ता हाई कोर्ट ने आज ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की उस अर्जी पर आदेश दिया है जिसमें 21 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 3.30 बजे तक बिड़ला तारामंडल के सामने बैठक करने की अनुमति मांगी गई थी। भीड़ की सीमा 2,500 तय की गई है। उस सड़क की एक लेन खुली रखी जाएगी। राज्य सरकार कोई अनुमति नहीं देना चाहती थी।
क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस?
उन्होंने बताया कि 21 जुलाई 1993 को एक रैली के दौरान 13 कांग्रेस कार्यकर्ता मारे गए थे, जब ममता बनर्जी युवा कांग्रेस की अध्यक्ष थीं। तब से इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कितने लोग भाग लें सकते हैं?
अदालत के एक प्रश्न के उत्तर में,वकील ने बताया कि लगभग 15,000 से 20,000 लोग भाग लेंगे। एडवोकेट जनरल सुरोजित नाथ मित्रा ने कहा कि पुलिस अनुमति देने के लिए अनिच्छुक नहीं है, लेकिन रैली किसी अन्य स्थान पर आयोजित की जानी चाहिए। अदालत ने पूछा कि अगर दो रैलियों की अनुमति दी गई है, तो पर्याप्त पुलिस व्यवस्था के साथ आसपास के क्षेत्र में एक और रैली की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती है।