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आगाज: बंगाल में आज राहुल गांधी की चुनावी रैली, जानें पहले चार चरणों में मैदान में क्यों नहीं उतरे?
Wed, 14 Apr 2021 02:29 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 14 Apr 2021 02:29 PM IST
सार
बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पश्चिम बंगाल में दो चुनावी रैलियां करने जा रहे हैं। चार चरणों के मतदान होने के बाद राहुल पहली बार पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली करेंगे।
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राहुल गांधी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए चार चरणों का मतदान हो चुका है और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पहली बार बंगाल में कोई चुनावी रैली करने जा रहे हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने अब तक बंगाल में रैलियों की झड़ियां लगा दी है। राहुल गांधी की ओर से बंगाल में कोई रैली ना करना चर्चा का विषय बन गया है।
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राहुल गांधी बंगाल में आज दो रैलियां करने वाले हैं। पहली रैली उत्तर दिनाजपुर के गोलपोखर और दूसरी दार्जिलिंग जिले में शिवमंदिर बाजार मतिगारा में करेंगे। बता दें कि पश्चिम बंगाल में चार चरणों के मतदान हो चुके हैं यानी कि 294 में से 135 सीटों पर पहले ही वोट डल चुके हैं।
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कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने इस मामले में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी असम और केरल जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव में व्यस्त थे क्योंकि यहां पार्टी ज्यादा संख्या में चुनाव लड़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि केरल और असम में हमारे पास ज्यादा सीटें हैं।
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पश्चिम बंगाल में अभी चार चरणों के चुनाव होने बाकी हैं। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी इन चार चरणों में चुनावी रैली करेंगे। हालांकि कांग्रेस के दूसरे नेताओं का राहुल गांधी के रैली ना करने पर अपने अलग विचार और सोच है। आइए जानते हैं कि दूसरे नेताओं का क्या कहना है...
केरल चुनाव में एलडीएफ
एक कांग्रेस नेता का कहना है कि केरल में एलडीएफ की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस-यूडीएफ है। अगर राहुल गांधी पश्चिम बंगाल में सीपीआईएम के साथ रैली करते तो इससे केरल में एलडीएफ को फायदा मिलता। ये कांग्रेस के लिए एक बड़ा नुकसान होता, इसलिए शुरू के चार चरणों में राहुल गांधी ने रैली नहीं की।
ज्यादा दांव नहीं
कांग्रेस यह बात अच्छे से जानती है कि केरल और असम की तुलना में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के पास ज्यादा दांव नहीं है। बंगाल में टीएमसी और भाजपा ही प्रतिद्विंदी पार्टी हैं। असम और केरल में कांग्रेस मुख्य भूमिका निभा रही है। एक कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी के पास पर्याप्त स्रोत और लॉजिस्टिक नहीं है। बंगाल में ये दांव-पेंच ज्यादा लाभकारी साबित नहीं होते।
मतदान का विभाजन
कांग्रेस पश्चिम बंगाल में अगर ज्यादा से ज्यादा चुनावी रैलियां करती तो एंटी भाजपा वोट पर असर पड़ता और टीएमसी को नुकसान होता। राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पश्चिम बंगाल में कोई चुनावी रैली नहीं की। प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्होंने खुद को क्वारंटीन कर रखा है क्योंकि उनके पति रॉबर्ट वाड्रा कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए थे।