कर्नाटक में राजनीतिक उठा-पटक का मास्टर माइंड कौन?
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कांग्रेस का भरोसा एक बार फिर अपने नेता डीके शिवकुमार पर है। पार्टी को उम्मीद है कि वह कर्नाटक की एचडी कुमारस्वामी सरकार को गिरने नहीं देंगे। एचडी कुमार स्वामी मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार भाजपा पर राज्य सरकार को गिराने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाते रहे हैं। भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को मई 2018 में विधानसभा में बहुमत मिलने की उम्मीद क्षीण होने के कारण मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इस बीच दिलचस्प है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली में राम लीला मैदान में आयोजित पार्टी के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में कर्नाटक सरकार और कांग्रेस पर निशाना साधा था।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि वह सीएम जरूर हैं, लेकिन उनकी हालत क्लर्क जैसी बन गई है। कांग्रेस के नेता इन सबको अब एक सिरीज में जोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा ने यह पटकथा 2018 में ही लिख ली थी।
कर्नाटक में राज्य सरकार के गठन के छह महीने बाद वह कांग्रेस-जद(एस) की सरकार गिराने की तैयारी में है। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े का मानना है कि कर्नाटक सरकार लगातार भाजपा की आंख में किरकिरी की तरह अखर रही है। कांग्रेस के नेता इस पूरे रिहर्सल का मास्टर माइंड बीएस येदियुरप्पा को मानते हैं। कांग्रेस के नेता जमीर अहमद सीधे राज्य सरकार को गिराने का आरोप भाजपा पर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी के तीन विधायक मुंबई में हैं। कुल पांच विधायक नदारद हैं। दो निर्दल विधायक आर शंकर और एच नागेश ने कांग्रेस-जद(एस) सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा कर दी है। एच नागेश ने बाकायदा भाजपा को समर्थन देने की घोषणा तक कर दी है।
दिल्ली क्यों आए भाजपा के विधायक?
जमीर अहमद का कहना है कि बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा के सभी 104 विधायक दिल्ली से सटे गुडग़ांव के रिसार्ट में हैं। क्यों हैं? कहा यह भी जा रहा है कि इन विधायकों से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मिल सकते हैं। जमीर अहमद का कहना है कि गुडग़ांव से कर्नाटक की सरकार गिराने की पटकथा लिखी जा रही है। जबकि बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि वह लोकसभा चुनाव की रणनीतिक चर्चा के बाबत दिल्ली में हैं। येदियुरप्पा ने अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। उन्होंने कर्नाटक की राज्य सरकार को सत्ता से बेदखल के करने के आरोपों को निराधार बताया है। येदिरप्पा ने यह भी बयान दिया है कि वह जल्द ही खुशखबरी देने वाले हैं।
क्या है संभावना?
भाजपा के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस-जद(एस) वाली एचडी कुमारस्वामी अपना इकबाल खो चुकी है। जनता का विश्वास जीतने में असफल सरकार है। उसे निर्दल और केपीजेपी के विधायक समर्थन नहीं देना चाहते। कांग्रेस पार्टी के अपने ही विधायक राज्य सरकार से नाराज है। इसलिए यदि कर्नाटक की राज्य सरकार अल्पमत में आ रही है तो इसका कारण खुद राज्य सरकार ही है। भाजपा पर इसका जबरिया दोष मढ़ा जा रहा है।
इसके सामानांतर प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्नाटक की राज्यसरकार के अल्पमत में आने की दशा में भाजपा राज्य सरकार को पहले सत्ता से बेदखल करने के विकल्प पर काम कर सकती है। इसके बाद भाजपा की निगाह दो विकल्पों पर रहेगी। पहला यह कि राज्य में सरकार के गठन का प्रयास हो। ऐसा होने पर 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को लाभ मिलने की उम्मीद है। दूसरा प्रयास राज्य में लोकसभा के प्रस्तावित चुनाव के साथ विधान सभा चुनाव कराने का प्रयास होगा। फिलवक्त अभी कर्नाटक के सभी राजनीतिक स्टेकहोल्डरों की निगाह घड़ी की सूई और तारीख बदल रहे कलेंडर पर है।
कांग्रेस ने भी कसी कमर
राज्य सरकार को संजीवनी देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने पूरा जोर लगाया है। कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में भी यह मामला उठा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, उप मुख्यमंत्री जीपरमेश्वर, डीके शिवकुमार के संपर्क में है। जी परमेश्वर ने एक जनवरी को ही भाजपा पर राज्य सरकार गिराने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी भी लगातार यही आशंका व्यक्त करते आए हैं।