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आखिर किसकी शह पर बागी हुए पनीरसेल्वम
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 09 Feb 2017 06:46 AM IST
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पनीरसेल्वम
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर शशिकला के लिए पहले हां और फिर अचानक ना के पीछे केंद्र के कई निहितार्थ देखे जा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर सीएम पनीरसेल्वम किसी शह पर बागी हुए।
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माना जा रहा है कि पन्नीरसेल्वम ने बिना केंद्र की शह के बागी रुख नहीं अपनाया होगा। लेकिन सच यह भी है कि केंद्र पन्नीरसेल्वम की वजह से सीधा शशिकला को भी नाराज नहीं करना चाह रहा है। क्योंकि लोगों की सहानुभूति भले पनीरसेल्वम के साथ मानी जा रही है मगर बुधवार को करीब-करीब सभी विधायकों-सांसदों को बैठक में बुला कर शशिकला ने अपनी ताकत का इजहार कर दिया है।
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राजनीतिक हलकों में इस बात की जबरदस्त चर्चा है कि तमिलनाडु में पनीरसेल्वम का मुख्यमंत्री बने रहना फिलहाल केंद्र के हित में है। साथ ही राष्ट्रपति चुनाव तक एआईएडीएमके को विभाजन से बचाना भी केंद्र की सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। यह चर्चा इतनी गरम है कि बुधवार को केंद्रीय मंत्री और भाजपा केवरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू को सफाई देनी पड़ी। इस मामले पर नजर रख रहे वरिष्ठ राजनीतिक सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि शशिकला की तुलना में केंद्र यस मैन के रूप में पन्नीरसेल्वम को ज्यादा उपयोगी मान रहा है।
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ऐसे में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए भाजपा को वोटों की कमी को पाटने में एआईएडीएमके के वोट काफी कारगर साबित होंगे। भाजपा का दावा है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए उसके पास करीब 40 हजार वोटों की कमी है। सूत्रों ने यहां तक कहा कि पन्नीरसेल्वम के मुख्यमंत्री होने से भाजपा और आरएसएस को राज्य में अपनी जड़ मजबूत करने का सुनहरा मौका होगा। इसका इंतजार भाजपा दशकों से कर रही है।