West Bengal Violence: बंगाल में कब, क्यों, कहां और कैसे हुई हिंसा? यहां जानें, ममता सरकार को हाईकोर्ट से झटका
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में बीते कुछ दिनों से हिंसा का दौर जारी रहा। इसमें तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कुछ घायल भी हुए हैं। अब पुलिस ने इसे लेकर सख्त कार्रवाई भी शुरू कर दी है। कुल 110 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, वहीं अन्य उपद्रवियों को पकड़ने के लिए भी राज्यभर में छापेमारी की जा रही है।दूसरी तरफ शनिवार शाम को पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश जारी कर दिया। उच्च न्यायालय ने इस मामले में राज्य सरकार और केंद्र से जवाब मांगा है। मामले पर 17 अप्रैल को आगे की सुनवाई होगी।
यह मामला क्या है, जिसे लेकर प्रदर्शन अचानक हिंसक हो उठे? इस मामले में चेहरे कौन से हैं? पूरा घटनाक्रम कहां और कब-कब हुआ? मामले में हिंसा क्यों और कैसे भड़क उठी? आइये जानते हैं...
मामला क्या है?
वक्फ (संशोधन) विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी से कानून बन चुका है। केंद्र सरकार ने इसे लागू करने की अधिसूचना भी जारी कर दी। हालांकि, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड, सुन्नी वक्फ काउंसिल समेत कई संगठनों इस नए कानून का विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर देश में अलग-अलग जगह प्रदर्शन हुए हैं। पश्चिम बंगाल में इसी से जुड़े प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। हिंसा की इन घटनाओं के बाद हुई पुलिस कार्रवाई में 110 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
हिंसा कैसे भड़की?
विरोध की शुरुआत: वक्फ संशोधन विधेयक जब संसद में पेश हुआ उस वक्त ही पश्चिम बंगाल में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
प्रदर्शन ऐसे हिंसक हुए: विधेयक के कानून बनने के बाद प्रदर्शन और तेज हो गए। 8 अप्रैल को इसने हिंसक रूप ले लिया।
West Bengal: मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा, प्रदर्शनकारियों ने फूंकी गाड़ियां
हिंसा भड़की क्यों?
1. पहला दौर: 8 अप्रैल को मुर्शिदाबाद से लगे राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को जाम करने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान मार्च जंगीपुर से उमरपुर की ओर बढ़ा, पुलिस ने उन्हें रोका। कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। इसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। कुछ वाहनों को आग के हवाले किया गया। पुलिस पर पत्थरबाजी हुई। जवाब में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। देखते ही देखते हिंसा मुर्शिदाबाद के बनियापुर और उमरपुर तक फैल गई, जहां कई घरों में भी तोड़फोड़ हुई।West Bengal: फिर जल उठा मुर्शिदाबाद का सुती क्षेत्र, भीड़ ने की बमबारी; सरकारी वाहन फूंके, कई पुलिस कर्मी घायल
हिंसा में कौन शामिल और कौन प्रभावित?
- इस हिंसा में सबसे पहला चेहरा रहा उपद्रवियों का, जिन्होंने 8 अप्रैल के बाद 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के साथ तीन और जिलों में हिंसा और उपद्रव को अंजाम दिया।
- वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को आम जनजीवन अस्त-व्यस्त करने से रोकने की कोशिश के दौरान घटना में पुलिसकर्मी बुरी तरह प्रभावित हुए। आठ अप्रैल को कुछ पुलिसवालों के घायल होने की खबर थी। वहीं 11 अप्रैल को 10 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
- हिंसा के दौरान बनियापुर और उमरपुर में आम लोगों के घरों में तोड़फोड़ की बात भी सामने आई। इसके अलावा 11 अप्रैल को ट्रेन पर भी हमले की खबर है। साथ ही स्टेशन पर भी तोड़फोड़ हुई। इससे सार्वजनिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। हालांकि, किसी के घायल होने की खबर नहीं है।