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पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी ने दी वाम दलों को भाजपा विरोधी एक कार्यक्रम के लिए अपनी मंजूरी
Sat, 27 Jul 2019 09:28 PM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 27 Jul 2019 09:28 PM IST
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ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वाम दलों को भाजपा विरोधी एक कार्यक्रम के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। इससे पहले ममता पर भाजपा की कई रैलियों को नामंजूर करने का आरोप लगता रहा है। लेकिन ममता द्वारा सरकारी ऑडिटोरियम को भाजपा विरोधी कार्यक्रम के लिए मंजूरी देने से यह तो तय है कि भाजपा इसका आक्रामक विरोध दिखाने वाली है। बंगाल में भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने के लिए कई प्रयास कर रही है। ऐसे में ममता को अपना किला भी बचाना है तो अब विरोधी दल पर अपनी नरमी दिखाकर ममता कूटनीतिक चाल से भाजपा को पछाड़ना चाहती हैं।
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याद दिला दें कि सितंबर 2017 में ममता सरकार ने नेताजी इंडोर स्टेडियम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की बैठक की अनुमति से इनकार करते हुए कहा था कि यह पहले से ही बुक है। वहीं, अक्टूबर 2016 में सरकार ने आरएसएस के एक कार्यक्रम की बुकिंग रद्द कर दी थी, जहां मोहन भागवत मुख्य वक्ता थे।
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वाम दलों के इस कार्यक्रम में बंगाल की संस्कृति और परंपरागत राजनीतिक विषयों पर चर्चा की जानी है। जिसमें वहां के छात्रों, किसानों, उद्योगपति समेत कई बुद्धिजीवी लोगों को आमंत्रित किया गया है। वाम दल अपने इस प्रयास से फिर लोगों के बीच अपनी विश्वनीयता खोजने की कोशिश में है। वहीं ममता को लगता है कि ऐसे कार्यक्रमों से भाजपा की कोशिशों को ब्रेक लगाया जा सकता है इसीलिए वह विरोधी प्रयासों को सहयोग देने में लगी हैं।
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दरअसल ममता बनर्जी वामपंथियों की मदद से ही सत्ता में आईं और उनकी पार्टी ने अति-वामपंथी और राष्ट्र-विरोधी तत्वों के साथ मिलकर काम करना जारी रखा। यह एक और प्रमाण है जब वह अपने विरोधी को बंगाल में जगह बनाने से रोकने के लिए वामपंथ के नजदीक आई हैं।