{"_id":"6673be057a613f3b7401e4c7","slug":"west-bengal-governor-cv-ananda-bose-kolkata-police-security-in-rajbbhavan-chief-minister-mamata-banerjee-news-2024-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"WB: राज्यपाल बोस बोले- मैं राजभवन में कोलकाता पुलिस से असुरक्षित, CM को बताने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
WB: राज्यपाल बोस बोले- मैं राजभवन में कोलकाता पुलिस से असुरक्षित, CM को बताने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई
Thu, 20 Jun 2024 11:16 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 20 Jun 2024 11:16 AM IST
विज्ञापन
सीवी आनंद बोस
- फोटो : ANI
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बताया कि वह राजभवन में तैनात मौजूदा पुलिस दल से सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसकी जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने बताया कि सीएम को जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राज्यपाल आनंद बोस ने कहा, "मेरे पास यह मानने का कारण है कि वर्तमान प्रभारी अधिकारी और उनकी टीम की उपस्थिति मेरी सुरक्षा के लिए खतरा है।" उन्होंने आगे कहा, "मैंने सीएम ममता बनर्जी को बताया कि मैं राजभवन में तैनात कोलकाता पुलिस से असुरक्षित हूं, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई।"
राजभवन के सूत्रों ने बताया कि बोस ने राज्य सरकार से शिकायत की है कि राजभवन में तैनात पुलिस लगातार उनकी जासूसी कर रहे हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि ये पुलिस प्रभावशाली लोगों के इशारों पर ऐसा कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले हाल ही में राज्यपाल आनंद बोस ने राजभवन में तैनात पुलिस कर्मियों को तुरंत परिसर खाली करने का आदेश दिया था। दरअसल, सीवी आनंद बोस राजभवन के उत्तरी गेट को जनमंच में बदलने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन
राजभवन के उत्तरी गेट को जनमंच में बदलने की तैयारी
दरअसल, हाल ही में पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के अंदर दाखिल होने से रोक दिया। राजभवन के बाहर धारा 144 लागू है, जिसके तहत बड़ी सभाओं पर रोक लगाई जाती है। राज्यपाल आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखी। उन्होंने सीएम से पूछा कि किस आधार पर पुलिस ने शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के परिसर के अंदर आने से रोका।
शुभेंदु अधिकारी और अन्य लोगो ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि लिखित अनुमति के बावजूद पुलिस ने उन्हें राजभवन के परिसर में जाने से रोका। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर चुनाव के बाद हिंसा करने का आरोप लगाया था। इस आरोप को टीएमसी ने नकार दिया।
विज्ञापन
राज्यपाल आनंद बोस ने कहा, "मेरे पास यह मानने का कारण है कि वर्तमान प्रभारी अधिकारी और उनकी टीम की उपस्थिति मेरी सुरक्षा के लिए खतरा है।" उन्होंने आगे कहा, "मैंने सीएम ममता बनर्जी को बताया कि मैं राजभवन में तैनात कोलकाता पुलिस से असुरक्षित हूं, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई।"
विज्ञापन
राजभवन के सूत्रों ने बताया कि बोस ने राज्य सरकार से शिकायत की है कि राजभवन में तैनात पुलिस लगातार उनकी जासूसी कर रहे हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि ये पुलिस प्रभावशाली लोगों के इशारों पर ऐसा कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले हाल ही में राज्यपाल आनंद बोस ने राजभवन में तैनात पुलिस कर्मियों को तुरंत परिसर खाली करने का आदेश दिया था। दरअसल, सीवी आनंद बोस राजभवन के उत्तरी गेट को जनमंच में बदलने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन
राजभवन के उत्तरी गेट को जनमंच में बदलने की तैयारी
दरअसल, हाल ही में पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के अंदर दाखिल होने से रोक दिया। राजभवन के बाहर धारा 144 लागू है, जिसके तहत बड़ी सभाओं पर रोक लगाई जाती है। राज्यपाल आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चिट्ठी लिखी। उन्होंने सीएम से पूछा कि किस आधार पर पुलिस ने शुभेंदु अधिकारी को राजभवन के परिसर के अंदर आने से रोका।
शुभेंदु अधिकारी और अन्य लोगो ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि लिखित अनुमति के बावजूद पुलिस ने उन्हें राजभवन के परिसर में जाने से रोका। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर चुनाव के बाद हिंसा करने का आरोप लगाया था। इस आरोप को टीएमसी ने नकार दिया।