फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   west bengal election 2026 bhabanipur seat mamata banerjee vs suvendu adhikari battle BJP TMC

West Bengal Election: मां काली की धरती पर जय जगन्नाथ, भरोसा बनाम बेटी की दिलचस्प जंग

Sun, 26 Apr 2026 04:53 AM IST
N Arjun एन अर्जुन
Updated Sun, 26 Apr 2026 04:53 AM IST
सार

भाजपा ने भय से मुक्ति व भरोसा का नारा दिया है। इसके मुकाबले तृणमूल उन्नयन और भवानीपुर की बेटी का भावनात्मक कार्ड खेल रही है। ममता का घर कालीघाट क्षेत्र में ही स्थित है। इसे तृणमूल कांग्रेस स्थानीय जुड़ाव के तौर पर पेश कर रही है। वहीं भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु को बाहरी बताने की भी कोशिश हो रही है।

विज्ञापन
west bengal election 2026 bhabanipur seat mamata banerjee vs suvendu adhikari battle BJP TMC
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी - फोटो : ANI

विस्तार

प. बंगाल में अगर कोई सीट पूरे राज्य के सियासी मिजाज का आइना बनी हुई है, तो वह भवानीपुर है। इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर देशभर की नजरें टिकी हैं। यहां सीएम ममता बनर्जी और भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। मतदान की तारीख करीब आने के साथ चुनावी तापमान भी चढ़ता जा रहा है।  कालीघाट से भवानीपुर के जग्गू बाजार की ओर बढ़ते ही सियासत का रंग बदलता नजर आता है।
विज्ञापन


मां काली की आस्था वाली जमीन पर चुनावी प्रचार भी बहुभाषी हो चुका है। कहीं, ममता के गुजराती में पोस्टर दिखते हैं, तो कुछ दूरी पर ओड़िया भाषा में जय जगन्नाथ लिखे बैनर नजर आते हैं। यहां हर समुदाय और हर वोट तक पहुंचने के लिए पार्टियां अलग-अलग रणनीति के साथ मैदान में हैं। इस बार सिर्फ मुद्दों की नहीं, भरोसा बनाम उन्नयन और भवानीपुर की बेटी की सीधी टक्कर है। दोनों दल एक-एक घर तक पहुंच बनाकर वोटरों को साधने में जुटे हैं।
विज्ञापन



हर समुदाय को साधने की कोशिश
भवानीपुर में ही प्रसिद्ध आदि शक्तिपीठ कालीघाट काली मंदिर है। पूरा इलाका तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के पोस्टरों-बैनरों से पटा हुआ है। कहीं-कहीं वाम दलों के झंडे भी नजर आ जाते हैं। चक्रबेरिया नंबर 6 में टैक्सी चलाने वाले अजीत बताते हैं कि इस इलाके में गुजराती, ओड़िया, बिहारी और मारवाड़ी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। यही वजह है कि यहां बांग्ला के साथ-साथ गुजराती और ओड़िया भाषा में भी पोस्टर और बैनर दिखाई देते हैं। अजीत कहते हैं कि यहां जय बांग्ला से ज्यादा भगवान जगन्नाथ का नाम सुनाई देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



गली नहीं, मकान नहीं, हर एक वोट पर नजर
पद्मपुखुर रोड के निवासी धनंजय कहते हैं, यहां माहौल ऐसा ही है, एक गली में तृणमूल तो दूसरी गली में भाजपा का असर दिखता है। भवानीपुर में मुकाबला गली या मकान का नहीं, बल्कि हर एक व्यक्ति और हर एक वोट का हो गया है। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, दोनों ही पार्टियों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। नतीजे पर धनंजय कहते हैं, कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। यह चुनाव क्रिकेट मैच की तरह है, जो सही रणनीति बनाएगा, बेहतर फील्डिंग सजाएगा और मजबूत बल्लेबाजी करेगा, वही जीतेगा।


2021 के उपचुनाव में ममता की हुई थी बड़ी जीत
तृणमूल कांग्रेस : ममता बनर्जी 85,263 वोट (71.90%)
भाजपा : प्रियंका टिबरेवाल  26,428 वोट (22.29%)
माकपा : श्रीजीब बिस्वास  4,226 वोट (3.56%)

बाहरी बनाम भवानीपुर की बेटी
भाजपा ने भय से मुक्ति व भरोसा का नारा दिया है। इसके मुकाबले तृणमूल उन्नयन और भवानीपुर की बेटी का भावनात्मक कार्ड खेल रही है। ममता का घर कालीघाट क्षेत्र में ही स्थित है। इसे तृणमूल कांग्रेस स्थानीय जुड़ाव के तौर पर पेश कर रही है। वहीं भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु को बाहरी बताने की भी कोशिश हो रही है। तृणमूल का जोर इस बात पर है कि भवानीपुर की बेटी ममता बनर्जी ही हैं, जो लंबे समय से क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में साथ रही हैं।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed