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भारतीयों के लिए देवदूत बनी नेपाल सेना: बचाए गए लोगों से एयरपोर्ट पर मिले जयशंकर, मदद के लिए भारत क्या कर रहा?

Fri, 28 Aug 2026 05:18 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 28 Aug 2026 05:18 PM IST
सार

नेपाल में आई बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीयों को सुरक्षित निकालने की कोशिशें जारी हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 21 भारतीयों से मुलाकात कर उनका हाल जाना, जिन्हें नेपाल सेना ने बाढ़ के बीच बचाया था। करीब 85 भारतीयों को अलग-अलग जगहों से बचाया जा चुका है, लेकिन 315 से ज्यादा भारतीयों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। आखिर बाकी लोगों तक मदद कब पहुंचेगी और नेपाल को भारत किस तरह सहारा दे रहा है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते है...

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S Jaishankar Meets 21 Indians Rescued from Nepal Floods, Enquires About Their Well-Being
जयशंकर ने बचाए गए भारतीयों से की मुलाकात - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने का अभियान जारी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 21 भारतीयों को नेपाल सेना ने बाढ़ के बाद बेहद मुश्किल जगह से सुरक्षित निकाला और काठमांडू पहुंचाया। इसके बाद भारतीय दूतावास ने उनकी भारत वापसी की व्यवस्था की। जयशंकर ने इन लोगों से मुलाकात कर उनकी आपबीती भी जानी और उनके सुरक्षित लौटने पर राहत जताई।

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21 भारतीयों को किसने बचाया और भारत ने क्या किया?

इन 21 भारतीयों को बचाने में नेपाल सेना की अहम भूमिका रही। जयशंकर ने बताया कि नेपाल के अधिकारी और नेपाल की सेना ही वहां बचाव अभियान चला रहे हैं। भारत की ओर से नेपाल सरकार को हर संभव मदद दी जा रही है। बचाए गए भारतीयों ने भी नेपाल सेना के प्रयासों के प्रति आभार जताया। बाढ़ के बीच बेहद कठिन हालात से निकलकर घर लौटे इन लोगों के लिए यह राहत का बड़ा पल रहा।

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अभी कितने भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है?

जयशंकर ने आगे बताया कि 315 से ज्यादा भारतीयों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। करीब 85 भारतीयों को अलग-अलग स्थानों से बचाया जा चुका है, जिसमें काठमांडू पहुंचे ये 21 लोग भी शामिल हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि भारतीयों से संपर्क स्थापित करने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में जिन परिवारों के अपने लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं, उनके लिए हर गुजरता समय चिंता बढ़ाने वाला है।

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नेपाल की मदद के लिए भारत क्या कर रहा है?

भारत ने नेपाल को राहत और बचाव के लिए कई तरह की मदद की पेशकश की है। जयशंकर ने बताया कि उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री से भी बात की है और नेपाल अपनी जरूरत के हिसाब से मदद ले रहा है। एक जलविद्युत परियोजना वाली जगह पर लोगों के सुरंग में फंसे होने की आशंका है। वहां विशेषज्ञों की मदद के लिए भारत अपनी टीम भेज रहा है। नेपाल की जरूरत को देखते हुए बेली ब्रिज भेजने की भी तैयारी है।

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