भाजपामय अधिकारी परिवार: सुवेंदु के बाद पिता भी छोड़ सकते हैं टीएमसी, पीएम मोदी के सामने ओढ़ेंगे भगवा!
भले ही सुवेंदु भाजपा में शामिल हो चुके हैं, लेकिन अधिकारी परिवार के मुखिया यानी उनके पिता अब भी तृणमूल कांग्रेस पार्टी में हैं। कांथी से टीएमसी की सीट पर संसद पहुंचे 80 वर्षीय शिशिर अधिकारी भी जल्द ही भाजपाई हो सकते हैं। ग्राम पंचायत, नगर पालिका, विधानसभा से लेकर संसद तक पहुंचे शिशिर अधिकारी को पार्टी से अलग-थलग कर दिया गया है। सूत्रों की माने तो 24 मार्च को बंगाल के कांथी में पीएम मोदी की रैली के दौरान 'बड़े अधिकारी' भगवा दुशाला अंगोछा ओढ़ सकते हैं।
बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने की मुलाकात
शिशिर अधिकारी को तृणमूल कांग्रेस के पूर्वी मिदनापुर जिला अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था और उन्हें तृणमूल जिला कोर समिति का अध्यक्ष बनाया गया। दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण (डीएसडीए) के अध्यक्ष के पद से भी बेदखल किया गया। तृणमूल के लोग उनके बात नहीं करते, मीटिंग में नहीं बुलाते। संपर्क कटा हुआ है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में शिशिर साफ कहते हैं कि जब से उनके बेटे भाजपा में गए हैं, तृणमूल वाले बात नहीं करते। एक दिन पहले ही बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने शिशिर अधिकारी से पूर्वी मिदनापुर के कांथी में उनके निवास पर मुलाकात की है।
तीन बार सांसद चुने गए, मनमोहन सरकार में मंत्री रहे
वर्ष 2009, 2014, 2019 के तीनों लोकसभा चुनाव में कांथी सीट जीतने वाले शिशिर तृणमूल कोटे से यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार में राज्यमंत्री रहे हैं। भाजपा नेता, नंदीग्राम के प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी के पिता हैं। सुवेंदु के भाई दिव्येन्दु अधिकारी तामलुक लोकसभा सीट से सांसद हैं। क्षेत्र की नगरपालिका, नगर पंचायत पर अधिकारी परिवार का सिक्का चलता है।
शिशिर से किस मुंह से बात करे तृणमूल?
टीएमसी के नेता पार्थ चटर्जी कहते हैं कि शिशिर से किस मुंह से बात करें। पार्थ के मुताबिक उनके बेटे सुवेंदु और सौम्येंदु भाजपा में हैं। सुवेंदु तृणमूल से बागी होकर नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं। शिशिर पार्टी के सांसद और वरिष्ठ नेता हैं। उनके मन में और जुबान पर दो अलग-अलग चीजें चल रही हैं। उन्हें तय करने दीजिए कि यह क्या हैं? तृणमूल के ही एक अन्य नेता का कहना है कि राजनीति में ही ढोंग के साथ सब चलता है। शिशिर अधिकारी के मन में अब भाजपा जगह बना चुकी है। इसलिए बहुत कुछ कहने-सुनने की गुंजाइश नहीं है। अब दो मई का ही सबको इंतजार है।