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टॉलीगंज विधानसभा सीट: पिछड़े भाजपा के सांसद और टीएमसी बाबुल सुप्रियो, टीएमसी को मिली बढ़त
Sun, 02 May 2021 11:23 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 02 May 2021 11:23 AM IST
सार
टॉलीगंज विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पड़ती है। पिछले 20 साल से इस सीट पर टीएमसी का कब्जा है। 2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के अरूप विश्वास यहां से तीसरी बार विधायक बने। उन्होंने माकपा के मधु सेन रॉय को 9896 वोटों के अंतर से हराया था।
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टालीगंज में टक्कर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की हाईप्रोफाइल सीटों की बात करें तो टॉलीगंज उनमें से एक है। दरअसल, भाजपा ने इस सीट पर अपने सांसद बाबुल सुप्रियो को चुनावी मैदान में उतारा। वहीं, टीएमसी ने वर्तमान विधायक अरूप रॉय पर ही दांव खेला। इस विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो 14 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। शुरुआती दौर में वह आगे चल रहे थे, लेकिन फिलहाल वह पिछड़ रहे हैं। उनके मुकाबले टीएमसी के अरूप बिस्वास चुनावी समर में हैं। वह ममता बनर्जी की सरकार में पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर के तौर पर काम देख रहे थे।
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टॉलीगंज विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पड़ती है। पिछले 20 साल से इस सीट पर टीएमसी का कब्जा है। 2016 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के अरूप विश्वास यहां से तीसरी बार विधायक बने। उन्होंने माकपा के मधु सेन रॉय को 9896 वोटों के अंतर से हराया था।
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अरूप रॉय को 90603 वोट मिले थे, जबकि मधु सेन के खाते में 80707 वोट गए थे। बीजेपी तीसरे नंबर रही थी, जिसके प्रत्याशी को करीब 15 हजार वोट मिले थे। टॉलीगंज विधानसभा सीट पर पहली बार साल 1952 में वोट डाले गए, जिसमें कांग्रेस के प्रत्याशी को जीत मिली। इसके बाद यहां सीपीएम का लंबे समय तक दबदबा रहा। साल 2001 में यह सीट पहली बार टीएमसी की झोली में गई और तब से वह लगातार यहां जीत रही है।
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