Indians Killed Near Hormuz: ईरान-US जंग के बीच तीन भारतीय नाविकों की मौत; क्या US नेवी को पता थी राष्ट्रीयता?
Indians Killed Near Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग के दौरान तीन भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है। ओमान के पास एमटी सेट्टेबेलो जहाज पर सवार जिन तीनों नाविकों की मौत हुई है, वे उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। केंद्र सरकार ने इस घटना पर शोक जताया है। सरकार के मुताबिक होर्मुज के आसपास फंसे नाविकों और हताहत नाविकों के पार्थिव शरीर को सुरक्षित स्वदेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विस्तार
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जंग बीते 104 दिनों से जारी है। होर्मुज के आसपास तनावपूर्ण माहौल में मिसाइलों और अन्य हथियारों से लगातार गोलीबारी हो रही है। ओमान के तट के पास एक जहाज- एमटी सेट्टेबेलो पर हुए हमले में कई लोगों ने जान गंवाई है, इसमें तीन भारतीय भी शामिल हैं। जिन तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, इसमें एक उत्तर प्रदेश के देवरिया का है। मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार में मातम पसर गया है। जिस जहाज पर हमला हुआ है, वह फिलीपींस के पास बसे देश- पलाऊ के झंडे वाला जहाज है।
सरकार ने पूरे मामले पर क्या कहा?
इस मामले में ओमान में भारतीय दूतावास ने भी बयान जारी किया। सरकार ने कहा, ओमान के शिनस बंदरगाह के पास एक पोत पर हमले की जानकारी मिली है। दूतावास स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) की तरफ से भी स्थिति पर नजर रखने और ओमान के अधिकारियों के साथ बचाव प्रयासों का समन्वय करने की बात कही गई। विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए तनाव कम करने का आह्वान किया है।
पोत पर हमले में कितने भारतीय नाविकों की मौत?
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जिन तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, इनमें से एक देवरिया जिले के सुरौली गांव का निवासी शिवानंद चौरसिया है। शिवानंद की मौत की खबर सुनकर उनके परिवार में मातम छा गया। परिजनों और पड़ोसियों का रो-रोकर बुरा हाल है। शिवानंद चौरसिया कई महीनों से समुद्र में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनके जीजा संजय चौरसिया ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले ही परिवार ने उनसे बात की थी। संजय ने बताया, शिवानंद के दो बच्चे हैं। उनके पिता रामजी चौरसिया ने भी अंतिम बातचीत याद करते हुए बताया कि शिवानंद ने सब ठीक होने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि शिवानंद ने पिछली रात 9 बजे फोन पर सब ठीक होने की बात कही थी। पड़ोसी रोहन शाही ने बताया कि शिवानंद परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। शिवानंद करीब 8-9 महीने पहले काम पर गए थे।
ईरान और अमेरिका के बीच जंग 104+ दिनों से जारी, हालात कितने गंभीर?
- पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति के बीच, कुवैत, जॉर्डन और बहरीन ने हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा हवाई लक्ष्यों को रोके जाने पर अलर्ट जारी किया है।
- ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है
- ईरान की सेना- आईआरजीसी ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत के अली अल-सलेम और अहमद अल-जाबेर अड्डों और बहरीन के शेख ईसा एयर बेस सहित 18 'महत्वपूर्ण' अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
- आईआरजीसी कमांडर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने अमेरिका को चेतावनी दी। मूसावी ने कहा कि अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को खतरा पहुंचाता रहा तो वे इस क्षेत्र का हाल 'नरक' जैसा कर देंगे।
इस घटना में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी भारतीय नाविक आदित्य शर्मा ने भी जान गंवाई है। परिवार को गहरा सदमा लगा है। आदित्य शर्मा जहाज पर डेक कैडेट के रूप में कार्यरत थे। मौत की पुष्टि के बाद उनके परिवार के सदस्यों ने घटना की जांच और आदित्य के पार्थिव शरीर को वापस लाए जाने की मांग की है। एक परिजन ने पूछा कि जहाज के कैप्टन ने जंग के बीच जहाज आगे ले जाने का कैसे फैसला लिया। उन्होंने जहाज को आगे ले जाने की अनुमति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और हिमाचल सरकार से जांच की मांग की। आदित्य के चाचा ने बताया कि उन्हें 10 जून को आदित्य के लापता होने की खबर मिली थी।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तीन भारतीय नाविकों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। सोनोवाल ने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में इस घटना को भारत के लिए बड़ी हानि बताया। उन्होंने लापता नाविकों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार ने संबंधित अधिकारियों को बचाए गए चालक दल की तत्काल वापसी और मृतकों के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए देश में लाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
It is deeply unfortunate to learn of the tragic incident aboard the Palau-flagged MT Settebello. Sadly, three Indian seafarers initially reported missing are now confirmed dead after bodies have been located and identified.
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) June 11, 2026
This is a profound loss to our maritime family. The…
जहाज पर हमले की घटना कब और कैसे, किन राज्यों के थे भारतीय?
पलाऊ के ध्वज वाले जहाज / टैंकर- एमटी सेट्टेबेलो पर हमले से पहले भारतीय चालक दल के 24 सदस्य सवार थे। बुधवार को जारी बयान में अधिकारियों ने कहा था कि 21 को बचा लिया गया है, जबकि तीन लापता लोगों की तलाश की जा रही है। इस संबंध में फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि जहाज से संपर्क टूट गया था। यादव के मुताबिक तीनों नाविक अलग-अलग राज्यों से थे। देवरिया (उत्तर प्रदेश) के शिवानंद के अलावा दो अन्य हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश के निवासी थे। आंध्र प्रदेश के निवासी की पहचान सामने नहीं आई है।
क्या अमेरिका ने भारतीयों की जानकारी के बावजूद हमला किया?
इस मामले में मनोज यादव ने अमेरिका पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा, अमेरिकी नौसेना को जहाज पर सवार लोगों की राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी थी। अगर होर्मुज के पास निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो हिरासत में लेने पर विचार किया जा सकता था। जहाज पर सवार लोगों की राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी नहीं थी। यह बिल्कुल संभव नहीं है। मुझे 101 फीसदी यकीन है कि अमेरिकी नौसेना को ठीक-ठीक पता था कि उन जहाजों पर कितने भारतीय और विदेशी नागरिक सवार हैं।
बुधवार को हुआ था हमला
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने बुधवार रात जारी आधिकारिक बयान में कहा था कि होर्मुज के पास बसे द्वीपीय देश- पलाऊ के झंडे वाले जहाज पर सवार तीन भारतीय लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। अब इन तीनों नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हमले की खबर आने के बाद बुधवार देर रात विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
इस मामले में अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने क्या कहा?Our statement on the attack on a commercial vessel off the coast of Oman ⬇️https://t.co/w405oJsHmZ pic.twitter.com/m0U3U81hQn
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 10, 2026
अमेरिकी सेना की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस घटनाक्रम को लेकर दावा किया था कि मंगलवार शाम ओमान की खाड़ी से गुजर रहे सेट्टेबेलो नामक जहाज पर अचूक हमला किया गया। सेंटकॉम के अनुसार, जहाज ईरानी तेल ले जा रहा था और चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया था। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास शांति बहाल होनी चाहिए। नेविगेशन के अधिकारों और मुक्त आवाजाही पर पाबंदियों के कारण दुनिया में अस्थिरता है। इस कारण आर्थिक झटके भी लग रहे हैं।
रॉयल्स नेवी ऑफ ओमान ने बचाव अभियान चलाया
हालांकि, बाद में इससे जुड़ी सूचना आने के बाद पता लगा कि जहाज पर रासायनिक और तेल उत्पाद लदे थे। ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील (करीब 37 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में इंजन रूम में आग लगी थी। आपातकालीन सहायता की अपील के बाद रॉयल्स नेवी ऑफ ओमान ने बचाव अभियान शुरू किया था।
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