72 घंटे कोहरे की चादर में लिपटे रहेंगे उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाके
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उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में मंगलवार को कोहरे और धुंध का आलम कुछ ऐसा रहा कि कई जगह सूरज नहीं दिखा। कोहरे के कारण यूपी के बरेली, लखनऊ, वाराणसी और पंजाब के अमृतसर में दृश्यता 25 मीटर से भी नीचे पहुंच गई। मेरठ, सुल्तानपुर, फुर्सतगंज में दृश्यता 50 मीटर रही तो लुधियाना, पटियाला, आगरा व नई दिल्ली में दृश्यता 500 मीटर के आसपास रही। सूरज के कोहरे की चादर में छिपने की वजह से दिन का तापमान पिछले दिन के मुकाबले गिर गया।
मौसम वैज्ञानिक रविंद्र विषेन के मुताबिक 7-10 दिसंबर के बीच यूपी में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा छाया रहेगा। इस दौरान दृश्यता 50 मीटर से नीचे तक गिरेगी। यूपी के अलावा दिल्ली और हरियाणा के में भी घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक मैदानी इलाकों में कोहरा 11 दिसंबर तक परेशान करेगा।
इस दौरान 10 दिसंबर से न्यूनतम तापमान में थोड़ी वृद्धि देखने को मिलेगी। अभी 9 डिग्री के आसपास चल रहा तापमान 11-12 दिसंबर को 12 डिग्री तक पहुंच सकता है। 9 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करेगा। इससे पहाड़ी इलाकों में बारिश व बर्फबारी का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को कई केंद्रों पर अधिकतम तापमान 21-22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नोएडा में दिन का तापमान सबसे नीचे 21.1 डिग्री और गुरुग्राम में 26 डिग्री रहा। मैदानी इलाकों में देशभर में सबसे कम न्यूनतम तापमान हरियाणा के नारनौल में 5.5 डिग्री और एनसीआर में सबसे कम गुरुग्राम में 8 डिग्री रहा। दिल्ली के लोधी रोड पर 8.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा।
हवा में नमी की मात्रा दिल्ली-एनसीआर में 55-92 फीसदी के बीच
अभी तक मानक केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे दर्ज नहीं हुआ था। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा, जबकि दिन में मध्यम कोहरा रहने की संभावना है।
विषेन ने कहा कि मंगलवार को हवा में नमी की मात्रा दिल्ली-एनसीआर में 55-92 फीसदी के बीच रही। हवा के रुख में परिवर्तन से ठीक उसी तरह का सिस्टम बन रहा है जैसे दिवाली पर 30 अक्तूबर से 6 नवंबर के बीच बना था।
तब हवा का रुख पश्चिमी या उत्तर-पश्चिम था जो अब पूर्वी व उत्तर-पूर्वी हो गया है। इससे प्रदूषण के कण बिखर नहीं पाएं हैं और धुंध अधिक हो गई है। पहले ये प्रदूषक कण यूपी की तरफ निकल जाते थे जो अब नहीं हो रहा है।
आईजीआई एयरपोर्ट ने की कोहरे में विमान संचालन की तैयारी
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (आईजीआई एयरपोर्ट) पर घने कोहरे की वजह से पिछले सप्ताह विमानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। मौसम विभाग ने बुधवार से दोबारा घने कोहरे की भविष्यवाणी की है।
इसके मद्देनजर एयरपोर्ट अथारिटी ने घने कोहरे में विमान संचालन की पूरी तैयारी कर रखी है। पिछले सप्ताह कोहरे की वजह से आईजीआई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले कई विमान रद्द करने पड़े थे, जबकि सैकड़ों विमान देरी से संचालित हुए थे।
एयरपोर्ट अथारिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आई प्रभाकर राव ने मंगलवार को बताया कि कोहरे से मुकाबले की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर अगर दृश्यता 50 मीटर तक रही तो उड़ाने प्रभावित नहीं होंगी।