3 तलाक: PM बोले- बहनें हो रहीं परेशान, पर्सनल लॉ बोर्ड बोला- बेवजह न दें तलाक
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार को तीन तलाक के मुद्दे पर कहा है कि इस पर लोगों की गलतफहमी बनी हुई है, ऐसे में बोर्ड इस पर एक कोड ऑफ कंडक्ट का मसौदा तैयार करेगा, साथ ही जो भी मुस्लिम तीन तलाक का बेवजह दुरुपयोग करेंगे उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
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उधर, ओडिशा में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हमें जिला स्तर पर इस समस्या को सुलझाने के लिए काम करना चाहिए।
Muslim women are facing difficulties on the issue of #TripleTalaq, we should work for solution at district level: PM Modi in Bhubaneswar pic.twitter.com/g4VdCXAMmf
— ANI (@ANI_news) April 16, 2017
It has been decided in executive body meeting that those misusing #TripleTalaq will face social boycott: Maulana Khalid R Firangi, AIMPLB. pic.twitter.com/Uxlnbnpw6A
— ANI (@ANI_news) April 16, 2017
There has been misunderstanding on this issue, we will issue a code of conduct on it: All India Muslim Personal Law Board #TripleTalaq
— ANI (@ANI_news) April 16, 2017
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वहीं बोर्ड ने बाबरी-अयोध्या मामले में कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे। बता दें कि लखनऊ के नदवा में बोर्ड की दो दिवसीय बैठक में यह फैसले लिए गए हैं। बाबरी-अयोध्या और तीन तलाक का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में है। बैठक में इन दोनों ही चर्चित मुद्दों पर गहन विचार विमर्श किया गया। वहीं तीन तलाक पर पीड़ित महिलाएं लगातार विरोध कर केंद्र सरकार से इस प्रथा को खत्म करवाने की अपील कर रही हैं।We will go by Supreme Court's order on Babri-Ayodhya matter: All India Muslim Personal Law Board pic.twitter.com/w1CqIr2mFC
— ANI (@ANI_news) April 16, 2017
पिछले साल दिसंबर में इलाहाबाद कोर्ट ने तीन तलाक के मुद्दे पर कहा था कि यह मुस्लिम महिलाओं के साथ क्रूरता है और इससे उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन होता है।
गौरतलब है कि तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने 30 मार्च को सुनवाई के दौरान एक बड़ा फैसला लेते हुए तीन तलाक और तलाक के बाद मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के मामले सुनने के लिए संविधान पीठ का गठन किया था। यह पीठ 11 मई से इस मामले पर सुनवाई करेगी। हांलाकि बोर्ड इस सुनवाई के विरोध में है। बोर्ड ने कहा है कि तीन तलाक का उल्लेख पवित्र कुरान में है जिसको सुनवाई के बाद बदला नहीं जा सकता।
पर्सनल ला बोर्ड ने मुख्य रूप से अपने वर्चस्व और प्रासंगिकता को बनाए रखने को लेकर भी लंबी चर्चा की। नदवा कॉलेज में हुई इस बैठक में सोशल मीडिया से जुड़कर शरीयत की सही तस्वीर लोगों तक पहुंचाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
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बैठक में शरीयत को लेकर लोगों की गलत धारणाओं को दूर करने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को सोशल मीडिया से जोड़ने की पहल की आम राय बनी है, ताकि लोगों को शरीयत की पूर्ण जानकारी दी जा सके। साथ ही महिला विंग को और मजबूत करने व इसमें ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को कैसे शामिल किया जाए, इसकी रणनीति तय की गई है।