फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   wait for the Apache helicopter stranded on the China border for 6 months is over IAF carried out the operation

Ladakh: चीन सीमा पर 6 माह से फंसे अपाचे हेलीकॉप्टर का खत्म हुआ इंतजार, IAF ने इस तरह ऑपरेशन को दिया अंजाम

Tue, 24 Sep 2024 09:53 PM IST
Harendra Chaudhary हरेंद्र चौधरी
Updated Tue, 24 Sep 2024 09:53 PM IST
सार

लेह में मौजूद भारतीय वायुसेना के सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि भारतीय एयरफोर्स AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर को पर्वतारोहियों और इंजीनियरों के एक दल ने खारदुंग-ला क्षेत्र से पूरी तरह से रिकवर कर लिया है। कॉप्टर ने इस साल चार अप्रैल को एक ऑपरेशनल सॉर्टी के दौरान एहतियाती लैंडिंग की थी।

विज्ञापन
wait for the Apache helicopter stranded on the China border for 6 months is over IAF carried out the operation
IAF - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय वायुसेना ने छह महीने पहले चीन सीमा के नजदीक लद्दाख के हाई एल्टीट्यूड एरिया में दुर्घटना का शिकार हुए AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर को सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया है। वायुसेना की कड़ी मशक्कत के बाद अपाचे को नीचे लाया जा सका है। 650 करोड़ रुपये की कीमत वाले हेवी-ड्यूटी हेलीकॉप्टर अपाचे ने चार अप्रैल को हाई एल्टीट्यूड एरिया खारदुंग-ला में हार्ड लैंडिंग की थी। अपाचे को नीचे लाने में कामयाबी उस समय हासिल हुई है, जब 26 जुलाई को देश की राष्ट्रपति और सेना की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू सियाचिन दौरे पर रवाना होने वाली हैं। इस दौरान वे सियाचिन बेस कैंप पर तैनात जवानों से मुलाकात करेंगी। 

विज्ञापन


खारदुंग-ला से पूरी तरह से रिकवर हुआ हेलीकॉप्टर 
लेह में मौजूद भारतीय वायुसेना के सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि भारतीय एयरफोर्स AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर को पर्वतारोहियों और इंजीनियरों के एक दल ने खारदुंग-ला क्षेत्र से पूरी तरह से रिकवर कर लिया है। कॉप्टर ने इस साल चार अप्रैल को एक ऑपरेशनल सॉर्टी के दौरान एहतियाती लैंडिंग की थी। बोइंग अपाचे ने 18,380 फीट की ऊंचाई पर खारदुंग ला के उत्तर में 12000 फीट पर आपातकालीन लैंडिंग की थी और हाई एल्टीट्यूड पर होने की वजह से वहां से उसे एयरलिफ्ट नहीं किया जा सकता था। हालांकि उस हादसे में घायल दोनों पायलटों को उसी दिन एयरलिफ्ट कर लिया गया था। बता दें कि जिस दिन अपाचे को रिकवर किया गया, अमर उजाला उस समय लेह में ही मौजूद था।  
विज्ञापन


अमर उजाला ने की थी खबर
अमर उजाला ने 30 अगस्त को "LAC पर 12000 फीट पर पांच माह से उड़ने की राह देख रहा IAF का अपाचे! रिकवरी में इसलिए हो रही देरी" खबर की थी। hyper link "https://www.amarujala.com/india-news/iaf-apache-waiting-to-fly-at-12000-feet-on-lac-for-five-months-this-is-why-recovery-is-getting-delayed-2024-08-30"
विज्ञापन
विज्ञापन

जिसके बाद वायुसेना का बयान आया था कि भारतीय वायुसेना ने उसके रिपेयर या उसकी रिकवरी के लिए ऑरिजन इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर (मूल निर्माता) कंपनी बोइंग से संपर्क किया था। वायुसेना ने कहा था कि अपाचे का एयरफ्रेम (शेल) और इंजन हादसे की जगह पर ही हैं और कॉप्टर के पार्ट्स को खोल-खोल कर नीचे लाया जा रहा है। हालांकि उसके एवियोनिक्स समेत लगभग लगभग 400 आइटम्स पहले ही रिकवर कर लिए गए थे। सूत्रों का कहना था चूंकि अपाचे के पार्ट्स भारी हैं, इसलिए उन्हें नीचे लाने में देरी हो रही है। उन्हें निकटतम सड़क मार्ग तक ले जाकर लेह पहुंचाया जा चुका है और एयरफ्रेम और इंजन को उठाने के लिए एक क्रेन तैयार की गई। 



खास क्रेन का किया इस्तेमाल
सूत्रों ने बताया कि हादसे वाले जगह तक पहुंचने के लिए पहले क्रेन को कई हिस्सों में बांटा गया और फिर उसे ऊपर पहुंचा गया। जहां साइट पर क्रेन को फिर से तैयार किया गया। सत्रों का कहना है कि उसके इंजन और एयरफ्रेम को बिना किसी नुकसान के नीचे लाना बड़ी चुनौती थी। इसके लिए पर्वतारोहियों और इंजीनियरों का एक दल हादसे वाली जगह पर भेजा गया। इंजन जैसे भारी कलपुर्जों को लाने के लिए एक खास क्रेन का उपयोग किया गया, जिसके बाद उन हिस्सों को ट्रकों पर लाद कर लेह पहुंचाया गया। सूत्रों का कहना था कि यह प्रोसेस इतना आसान नहीं था। इसके लिए बेहद सावधानीपूर्वक एक योजना तौयार की गई, जिसमें कॉर्डिनेशन के साथ खास स्किल्स वाले कर्मियों की जरूरत थी। 

इंजीनियरों ने 21 दिनों तक खुद को उस वातावरण के लिए ढाला
सूत्रों के मुताबिक अपाचे को नीचे लाने में देरी इस वजह से भी हुई क्योंकि यह बेहद उच्च पर्वतीय इलाका है, जहां ऑक्सीजन की कमी होती है। कर्मियों को वहां तक जाने और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उन्होंने बताया कि वायुसेना के इंजीनियरों की एक टीम ने 21 दिनों तक खुद को उस वातावरण के लिए ढाला। इसके बाद टीम उस जगह पर पहुंची, जहां हेलीकॉप्टर ने आपातकालीन लैंडिंग की थी। सावधानी पूर्वक उस इलाके का अध्ययन किया गया और अपाचे के तकरीबन 400 पुर्जों को एक-एक करके निकाला गया और उन्हें नजदीकी सड़कमार्ग तक ले जाकर लेह पहुंचाया गया। सूत्रों का कहना है कि उसका एयरफ्रेम बिल्कुल ठीक है और क्षतिग्रस्त पुर्जों को आसानी से बदला जा सकता है। वायुसेना सूत्रों ने बताया कि उसे लेह एयरबेस लाया गया है, जहां से उसे होम बेस पहुंचाया जाएगा। उसके बाद उसे फिर से उड़ने लायक बनाया जाएगा, जिसमें लंबा वक्त लग सकता है।  


वापस लाने में चिनूक ने भी खड़े कर दिए थे हाथ
वहीं अपाचे का ज्यादा वजन होने की वजह से चिनूक जैसा हेवी-लिफ्ट हेलीकॉप्टर भी अपाचे को ‘अंडर-स्लंग’ करके वापस बेस पर वापस लाने में नाकामयाब रहा है। सूत्रों ने कहा कि चिनूक अपाचे को ले जा सकता था, लेकिन इसे 12,000 फीट से उठाकर 18,380 फीट ऊंचे खारदुंग-ला के पार ले जाना संभव नहीं था। हेलीकॉप्टरों में इतनी ऊंचाई पर उतनी भार वहन करने की क्षमता नहीं होती, जितनी मैदानी इलाकों में होती है। हाई एल्टीट्यूड पर हेलीकॉप्टर की लोड कैरिंग कैपेसिटी घट जाती है, क्योंकि ऑक्सीजन पतली हो जाती है, जिससे इंजन की परफॉरमेंस कम हो जाती है और असर लोड कैरिंग कैपेसिटी पर पड़ता है।

भारतीय सेना ने भी खरीदे हैं अपाचे
बता दें कि चीन के साथ चल रहे सैन्य गतिरोध के बाद से हेलीकॉप्टर की एक टुकड़ी को लद्दाख में तैनात किया गया है। भारतीय वायुसेना ने अमेरिकी कंपनी बोइंग से 14,910 करोड़ रुपये में 22 अपाचे खरीदे थे। 11 मई 2019 को वायुसेना को पहला अपाचे हेलीकॉप्टर मिला, जिसके बाद सितंबर 2019 में 9 अपाचे पाकिस्तान सीमा के पास मौजूद इंडियन एयरफोर्स के पठानकोट एयरबेस पर तैनात किए गये। जोधपुर में पहला अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन बनाया गया। भारतीय सेना की एविएशन कॉर्प्स ने भी साल 2020 में 6,600 करोड़ रुपये की कीमत में छह और अपाचे हेलीकॉप्टर का लड़ाकू का ऑर्डर बोइंग को दिया था, जिनकी डिलीवरी का अभी इंतजार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed