कानपुर गोलीकांड के आठवें दिन ढेर हुआ विकास दुबे, ये है गैंगस्टर के आठ दिनों की कहानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Jul 2020 01:21 PM IST
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पुलिस ने विकास दुबे के गैंग का खात्मा कर दिया है
पुलिस ने विकास दुबे के गैंग का खात्मा कर दिया है - फोटो : Amar Ujala

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उत्तर प्रदेश में आतंक और अंडरवर्ल्ड का दूसरा नाम बन चुके विकास दुबे को पुलिस ने शुक्रवार सुबह मुठभेड़ में मार गिराया है। पिछले हफ्ते दो जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में उसे पकड़ने के लिए गए पुलिसकर्मियों पर उसने और उसके साथियों ने गोलियां चला दी थीं। इसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। दरअसल, पुलिस उसे हत्या के प्रयास में गिरफ्तार करने के लिए गई थी।
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हालांकि उसे पहले ही पुलिस की टीम के आने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद वो और उसका गैंग पूरी तरह से तैयार थे। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर गोलियों की बौछार कर दी। इसके बाद वो अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। यह घटना उत्तर प्रदेश में अपने तरह की पहली घटना थी। इससे योगी आदित्यनाथ सरकार और राज्य पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।


घटना के चार घंटे बाद ही पुलिस ने तीन जुलाई को विकास के मामा प्रेम प्रकाश पांडे और उसके चचेरे भाई अतुल दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया। घटना के एक दिन बाद पुलिस ने दुबे के बिकरू गांव में स्थित घर को ढहा दिया। घर के अंदर मौजूद उसके दो वाहनों और ट्रैक्टर को भी तोड़ दिया। इस कार्रवाई पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने सवाल उठाए। वहीं ब्राह्मण समुदाय से परिवार को समर्थन मिला। 

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थाना प्रभारी विनय तिवारी और निरीक्षक केके शर्मा को गैंगस्टर के साथ उनकी बातचीत की पुष्टि के बाद निलंबित कर दिया गया। दोनों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। जैसे-जैसे जांच में प्रगति होती गई। विकास दुबे के राजनीतिक संपर्कों ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद राजनेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सामने आने लगीं। जिससे सत्ता और विपक्ष के लोग असहज हो गए।
 
जांच में पता चला कि विकास ने रियल एस्टेट, शराब और ठेके के कारोबार के जरिए  धन और संपत्ति अर्जित की थी। इसी बीच राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगीं। वहीं एसटीएफ ने उसके राइट हैंड कहे जाने वाले अमर दुबे और करीबी साथी बउवा दुबे और प्रभात मिश्रा को मुठभेड़ में मार गिराया।

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प्रभात मिश्रा को फरीदाबाद में जिस जगह से गिरफ्तार किया गया था उसके आस-पास विकास दुबे को देखा गया था, जो वहां से भागने में कामयाब रहा। राज्य पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स की पचास टीमों ने उसके सभी ठिकानों पर छापा मारा और गैंगस्टर पर दबाव बनाने के लिए उसके रिश्तेदारों को पकड़ लिया।
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