{"_id":"68e7cd70dcf4c82d3501cf53","slug":"vibrant-gujarat-regional-conference-organized-in-mehsana-gujarat-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"VGRC: मेहसाणा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस, सेमीकंडक्टर टैलेंट इकोसिस्टम की रणनीतियों पर चर्चा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
VGRC: मेहसाणा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस, सेमीकंडक्टर टैलेंट इकोसिस्टम की रणनीतियों पर चर्चा
Thu, 09 Oct 2025 08:28 PM IST
लव. गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: लव. गौर
Updated Thu, 09 Oct 2025 08:28 PM IST
सार
VGRC: मेहसाणा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोदन किया गया। जिसमें सेमीकंडक्टर टैलेंट इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
विज्ञापन
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस
- फोटो : Ani Photos
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गुजरात के मेहसाणा में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) के तहत महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर वर्कफोर्स डेवलपमेंट सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें गुजरात ने वीजीआरसी के दौरान सेमीकंडक्टर वर्कफोर्स को वेग देने के लिए 'फ्रॉम विजन टू वेलोसिटी' थीम लॉन्च की।
यह कार्यक्रम उत्तर गुजरात की वीजीआरसी मेहसाणा स्थित गणपत विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ। गुरुवार को पहले दिन एक महत्वपूर्ण वर्कफोर्स डेवलपमेंट सेशन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सत्र की थीम ‘दृष्टि से वेग की ओर सेमीकंडक्टर चिप के लिए कार्यबल विकास’ थी। इसमें गुजरात के विकासशील सेमीकंडक्टर उद्योग को समर्थन देने और राज्य के टैलेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए रणनीतिक रूप से ध्यान केन्द्रित किया गया।
इस कॉन्फ्रेंस ने सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग तथा डिजाइन के लिए वैश्विक हब के रूप में स्वयं को स्थापित करने के गुजरात के दृढ़ संकल्प को रेखांकित किया है। इस सत्र में कई दिग्गज उपस्थित रहे। इनमें ग्रिट की सीईओ एस. अपर्णा ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में राज्य की अग्रसर भूमिका पर जोर दिया और साथ ही गुजरात की सेमीकंडक्टर प्रतिभा को अच्छी से अच्छी शिक्षा पद्धति पर भी बल दिया।
विज्ञापन
भारत के रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्य कार्यक्रम में संबोधित करते हुए इस महत्वपूर्ण सेक्टर में कुशल टैलेंट की राष्ट्रीय आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती, गुजरात राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन की निदेशक नेहा कुमारी, भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के निदेशक मनीष हुडा, गतिशक्ति यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. मनोज चौधरी ने भी विभिन्न प्रेजेंटेशन्स द्वारा इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
2047 तक 3.5 लाख करोड़ हो जाएगी गुजरात की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि हमारा लक्ष्य गुजरात के सभी जिलों का विकास करना है। गुजरात की अर्थव्यवस्था का आकार 2023 में 280 बिलियन डॉलर है जिसे 2047 तक 3.5 लाख करोड़ (3.5 ट्रिलियन डॉलर) करना है। आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल बुद्धिमत्ता से युवाओं को लैस किया जायेगा।
कुशल श्रमिक देगी सरकार
गुजरात के औद्योगिक मामलों के मंत्री बलवंत सिंह राजपूत ने अमर उजाला से कहा कि गुजरात के अलग-अलग जिलों में स्थानीय विशेषताओं के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में विकास करने की संभावना है। सरकार इन क्षमताओं का उपयोग इन क्षेत्रों के विकास में करेगी।
70% निवेश जमीन पर उतरे
राज्य के औद्योगिक विभाग की प्रमुख सचिव ममता वर्मा ने अमर उजाला को बताया कि राज्य सरकार एक दशक से इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित कर रही है। हर समिट में दर्जनों बड़ी कंपनियां निवेश में रुचि दिखाती हैं। लेकिन कम से कम 70 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरते हैं।
राज्य को चार जोन में बांटकर की जाएगी समिट
सरकार की योजना है कि पहले चरण में राज्य को चार जोन में बांटकर इन्वेस्टमेंट समिट हो। बाद में इसे जिलों के स्तर पर ले जाया जाए। इससे राज्य के सभी क्षेत्रों का विकास होगा। फिलहाल 9-10 अक्तूबर को राज्य के उत्तरी हिस्से के मेहसाणा जिले में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो रहा है। तीन महीने बाद जनवरी में यह राजकोट में होगा, जिसमें राज्य के सौराष्ट्र और कच्छ के क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। मार्च में राज्य के दक्षिणी हिस्से सूरत में और वडोदरा में इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा। जनवरी 2027 में राज्य स्तरीय इन्वेस्टर समिट राजधानी गांधी नगर या अहमदाबाद में हो सकता है।
विज्ञापन
यह कार्यक्रम उत्तर गुजरात की वीजीआरसी मेहसाणा स्थित गणपत विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ। गुरुवार को पहले दिन एक महत्वपूर्ण वर्कफोर्स डेवलपमेंट सेशन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस सत्र की थीम ‘दृष्टि से वेग की ओर सेमीकंडक्टर चिप के लिए कार्यबल विकास’ थी। इसमें गुजरात के विकासशील सेमीकंडक्टर उद्योग को समर्थन देने और राज्य के टैलेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए रणनीतिक रूप से ध्यान केन्द्रित किया गया।
विज्ञापन
इस कॉन्फ्रेंस ने सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग तथा डिजाइन के लिए वैश्विक हब के रूप में स्वयं को स्थापित करने के गुजरात के दृढ़ संकल्प को रेखांकित किया है। इस सत्र में कई दिग्गज उपस्थित रहे। इनमें ग्रिट की सीईओ एस. अपर्णा ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में राज्य की अग्रसर भूमिका पर जोर दिया और साथ ही गुजरात की सेमीकंडक्टर प्रतिभा को अच्छी से अच्छी शिक्षा पद्धति पर भी बल दिया।
विज्ञापन
भारत के रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्य कार्यक्रम में संबोधित करते हुए इस महत्वपूर्ण सेक्टर में कुशल टैलेंट की राष्ट्रीय आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती, गुजरात राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन की निदेशक नेहा कुमारी, भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के निदेशक मनीष हुडा, गतिशक्ति यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. मनोज चौधरी ने भी विभिन्न प्रेजेंटेशन्स द्वारा इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
2047 तक 3.5 लाख करोड़ हो जाएगी गुजरात की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि हमारा लक्ष्य गुजरात के सभी जिलों का विकास करना है। गुजरात की अर्थव्यवस्था का आकार 2023 में 280 बिलियन डॉलर है जिसे 2047 तक 3.5 लाख करोड़ (3.5 ट्रिलियन डॉलर) करना है। आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल बुद्धिमत्ता से युवाओं को लैस किया जायेगा।
कुशल श्रमिक देगी सरकार
गुजरात के औद्योगिक मामलों के मंत्री बलवंत सिंह राजपूत ने अमर उजाला से कहा कि गुजरात के अलग-अलग जिलों में स्थानीय विशेषताओं के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में विकास करने की संभावना है। सरकार इन क्षमताओं का उपयोग इन क्षेत्रों के विकास में करेगी।
70% निवेश जमीन पर उतरे
राज्य के औद्योगिक विभाग की प्रमुख सचिव ममता वर्मा ने अमर उजाला को बताया कि राज्य सरकार एक दशक से इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित कर रही है। हर समिट में दर्जनों बड़ी कंपनियां निवेश में रुचि दिखाती हैं। लेकिन कम से कम 70 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरते हैं।
राज्य को चार जोन में बांटकर की जाएगी समिट
सरकार की योजना है कि पहले चरण में राज्य को चार जोन में बांटकर इन्वेस्टमेंट समिट हो। बाद में इसे जिलों के स्तर पर ले जाया जाए। इससे राज्य के सभी क्षेत्रों का विकास होगा। फिलहाल 9-10 अक्तूबर को राज्य के उत्तरी हिस्से के मेहसाणा जिले में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो रहा है। तीन महीने बाद जनवरी में यह राजकोट में होगा, जिसमें राज्य के सौराष्ट्र और कच्छ के क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। मार्च में राज्य के दक्षिणी हिस्से सूरत में और वडोदरा में इन्वेस्टर समिट का आयोजन होगा। जनवरी 2027 में राज्य स्तरीय इन्वेस्टर समिट राजधानी गांधी नगर या अहमदाबाद में हो सकता है।