'पीएम मोदी से की गई मेरी शिकायत, इसलिए कैबिनेट से निकाल दिया गया'
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मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद गुजरात के प्रमुख आदिवासी नेता मनसुखभाई वासवा ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें आदिवासी मामलों के केन्द्रीय मंत्री जुआल ओरम, आनंदी बेन पटेल और राज्य के वित्त मंत्री सौरभ पटेल की तिकड़ी ने कैबिनेट से बाहर करवाया है। वासवा का कहना है कि इन तीनों ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके खिलाफ शिकायत की थी।
वासवा ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि जिस तरह से पार्टी और सरकार ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया है, वैसे तो कोई भी सच बोलेने की हिम्मत नहीं करेगा। वासवा भरूच से भाजपा सांसद हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की मांग को लेकर सरकार से उनके कुछ विवाद थे, जिसके चलते पीएम मोदी से उनकी शिकायत की गई है।
सच बोलने की सजा
वासवा ने कहा, "मैं पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से काम कर रहा था, जैसा कि पार्टी और सरकार करने को कहती है। मैंने हर किसी का ध्यान उस तरफ खींचने की कोशिश की जो गलत हो रहा था, लेकिन जिस तरह से मुझे इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है, वैसे तो कोई भी सच बोलने की हिम्मत नहीं करेगा।"
उन्होंने कहा कि उन्हें इसलिए निकाला गया है क्योंकि उन्होंने गुजरात के कई आदिवासी मामलों पर आवाज उठाई थी। ये वो मामले थे जो काफी समय से अनसुलझे थे। आपको बता दें कि मंगलवार को पीएम मोदी के कैबिनेट का विस्तार हुआ था, जिसमें पीएम मोदी ने पांच मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर कर दिया। गुजरात के आदिवासी नेता मनसुखभाई वासवा भी इन्हीं में शामिल थे।