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दिल्ली ही नहीं, वाराणसी और आगरा में भी हवा बेहद खराब

Sun, 01 Jan 2017 04:10 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 01 Jan 2017 04:10 AM IST
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Varanasi and Agra has India's most toxic air

नए साल के जश्न की तैयारियों के बीच सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं देश के अन्य प्रमुख हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंण बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता सूचकांक के मुताबिक उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और ताजनगरी आगरा में वायु गुणवत्ता जहां गहरे लाल यानी अतिगंभीर स्थिति में है वहीं, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व कानपुर में वायु गुणवत्ता लाल रंग पर यानी बेहद खराब स्थिति को दर्शा रही है। वहीं दिल्ली व आस-पड़ोस के राज्यों में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए इमरजेंसी एक्शन प्लान अभी तक लागू नहीं किया गया है।

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इस संबंध में जब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान राज्यों को लागू करना है। पर्यावरण मंत्रालय इस संबंध में अधिसूचना पहले ही जारी कर चुका है। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए राज्यों को ही कदम बढ़ाना है।
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उन्होंने कहा कि नवंबर महीने में दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कहा जा रहा था तो दलील थी कि आस-पास के राज्यों में जलने वाली फसलों के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है। जबकि इस समय किसी भी तरह की फसल आस-पड़ोस के राज्यों मे नहीं जल रही है। ऐसी सूरत में साफ लगता है कि राज्य वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर संजीदगी से काम नहीं कर रहे। राज्यों को एक्शन प्लान जल्द से जल्द लागू करना चाहिए। 
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जानिए कहां कितनी है वायु गुणवत्ता

Varanasi and Agra has India's most toxic air

सीपीसीबी के मुताबिक शनिवार को शाम 4 बजे बीते 24 घंटों के आधार पर जारी किए गए वायु गुणवत्ता सूचकांक बुलेटिन के मुताबिक वाराणसी में वायु गुणवत्ता स्तर 415, आगरा में 423, लखनऊ में 354, कानपुर में 364, दिल्ली में 372, फरीदाबाद में 367, गुडगांव में 377 रहा।
  
वहीं पूरे दिसंबर में राजधानी की हवा एक दिन भी सामान्य स्तर पर नहीं पहुंच सकी है। न सिर्फ हवा में पर्टिकुलेट मैटर का स्तर कई गुना बढ़ा है बल्कि वायु गुणवत्ता लाल निशान पर ही मौजूद है। सीपीसीबी के रीयल टाइम डाटा के मुताबिक शाम 7:30 बजे कई स्थानों पर वायु गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की गई। 


सीपीसीबी के मुताबिक 31 दिसंबर को रात 07:30 बजे दिल्ली के केंद्रों पर वायु गुणवत्ता की स्थिति - 


स्थान                           वायु गुणवत्ता 
शादीपुर                         301 (बेहद खराब)
आईएचबीएएस                290 (खराब)
एनएसआईटी द्वारका         267 (खराब)    
आनंद विहार                 387 (बेहद खराब)
आरके पुरम                  263 (खराब)
पंजाबी बाग                   366 (बेहद खराब)
आईटीओ                    492 (अति गंभीर)
डीटीयू                        378 (बेहद खराब)
सिरी फोर्ट                     377 (बेहद खराब)


नोट :  वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक 301 से 400 के बीच आंकड़े बहुत खराब (लाल निशान) की स्थिति को दर्शाते हैं। जबकि 401 से 500 के बीच के एक्यूआई आंकड़े वायु गुणवत्ता की स्थिति को अति गंभीर यानी गहरे लाल की श्रेणी में रखा जाता है। 

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