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S Jaishankar: जयशंकर बोले- वाजपेयी ने पड़ोसियों के साथ सहयोग के अवसर देखे, पर आतंकवाद की चुनौतियों से वाकिफ थे

Mon, 23 Jan 2023 10:18 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Mon, 23 Jan 2023 10:18 PM IST
सार

नई दिल्ली में अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने पड़ोसियों के साथ संबंध विकसित करने के लिए सभी साधनों का इस्तेमाल किया, जो खुले तौर पर आतंकवाद को खत्म करने के लिए थे।

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Vajpayee saw opportunity for cooperation with neighbourhood but aware of challenges of terrorism S Jaishankar
Dr S. Jaishankar - फोटो : ANI

विस्तार

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने चीन और पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग के कई अवसर देखे थे। साथ ही वह आतंकवाद की चुनौतियों से भी वाकिफ थे। सोमवार को नई दिल्ली में अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए जयशंकर ने यह बात कही।

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उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने हमारे पड़ोसियों के साथ संबंध विकसित करने के लिए सभी साधनों का इस्तेमाल किया, जो खुले तौर पर आतंकवाद को खत्म करने के लिए थे। उन्होंने कहा कि जब हम चीन के साथ जीने के तौर-तरीके तक पहुंचने की कोशिश करते हैं, तो यह आपसी सम्मान, पारस्परिक संवेदनशीलता, पारस्परिक हित के आधार पर होना चाहिए। इसकी बहुत कुछ झलक वाजपेयी की चीन यात्रा के दौरान दिखी थी।
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जयशंकर के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को समकालीन दुनिया की बहुत गहरी और विकसित समझ थी और उन्होंने भारत को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने में मदद की। उन्होंने कहा, वाजपेयी ने शीत युद्ध के बाद के माहौल में अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को यह पहचानने के बाद बदल दिया कि यह संबंध भारत के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने रूस के साथ भारत के संबंधों को निरंतरता और स्थिरता प्रदान की। ऐसे समय में जब दुनिया भर के देशों के संबंधों में बदलाव हो रहा था, तब भारत-रूस संबंधों में अनोखी स्थिरता थी। यह व्यक्तिगत समझ और वाजपेयी द्वारा किए गए प्रयासों के कारण था।
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उन्होंने कहा कि सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग वाजपेयी को वर्ष 1998 के परमाणु परीक्षण से जोड़ते हैं, जिसके बाद भारत परमाणु शक्ति बन गया। उन्होंने सभी से परीक्षण के बाद की कूटनीति को देखने के लिए कहा, इस कारण परीक्षण के दो साल के भीतर ही वाजपेयी ने दुनिया भर के सभी प्रमुख देशों को अपने साथ जोड़ लिया था।


वाजपेयी महान प्रधानमंत्रियों में शामिल
जयशंकर ने कहा कि परमाणु परीक्षण के कारण जापान के साथ हमारे संबंध प्रभावित हुए थे, लेकिन प्रधानमंत्री ने हमें हमेशा यह विश्वास दिलाया कि हम इसे सही करने का कोई रास्ता निकाल लेंगे। उन्होंने कहा कि आज जब मैं भारत-जापान संबंधों को देखता हूं, वाजपेयी ने जिस परिपक्वता के साथ हम सभी को उस चुनौती को देखने के लिए प्रेरित किया, उससे मैं चकित हूं। उन्होंने कहा कि यही वजह कि वाजपेयी महान प्रधानमंत्रियों में शुमार होते हैं।

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