{"_id":"68bede407e4219d09406ec93","slug":"use-of-unfair-means-you-are-destroying-entire-system-of-public-exams-sc-tells-accused-2025-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: 'पूरी परीक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रहे आप लोग, मुन्ना भाई अंदर रहना चाहिए..', कोर्ट ने आरोपी को लगाई फटकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: 'पूरी परीक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रहे आप लोग, मुन्ना भाई अंदर रहना चाहिए..', कोर्ट ने आरोपी को लगाई फटकार
Mon, 08 Sep 2025 07:17 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 08 Sep 2025 07:17 PM IST
सार
SC: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक आरोपी पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वह पूरी सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रहा है। आरोपी ने कथित तौर पर सीटीईटी परीक्षा में अपनी जगह किसी और को बैठाया था। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक आरोपी से कहा कि वह पूरी सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रहा है। व्यक्ति पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश में दिसंबर 2024 में हुई सीटीईटी (सीटीईटी) परीक्षा में अपने स्थान पर किसी और को बैठाया।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा, 'मुन्ना भाई अंदर रहना चाहिए।' यह टिप्पणी 2003 की बॉलीवुड फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' की ओर इशारा करती है, जिसमें अभिनेता संजय दत्त ने मुन्ना भाई का किरदार निभाया था और परीक्षा में अपने स्थान पर किसी और को बैठाया था। पीठ ने कहा, आप पूरी सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे लोगों की वजह से कई असली अभ्यर्थियों को नुकसान होता है।
याचिकाकर्ता के वकील की दलील
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था और उनमें से दो को जमानत मिल चुकी है।उन्होंने यह भी कहा कि उस व्यक्ति को भी जमानत मिल चुकी है, जो दूसरे की जगह अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने बैठा था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: तीन दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे पीएम मोदी, संचालन की तैयारी पर रहेगा फोकस
यूपी सरकार को नोटिस
कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया और इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर जवाब मांगा, जिसमें याचिकाकर्ता को जमानत देने से इनकार किया गया था। मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।
क्या है मामला
याचिकाकर्ता और अन्य लोगों के खिलाफ एक स्कूल के प्रिंसिपल की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।
परीक्षा में क्या हुआ था?
परीक्षा 15 दिसंबर 2024 को स्कूल में हुई थी। उस दौरान एक संदिग्ध अभ्यर्थी की जानकारी मिली थी। दोबारा जांच में पाया गया कि उसकी बायोमेट्रिक जानकारी मेल नहीं खा रही थी और असली याचिकाकर्ता संदीप सिंह पटेल की जगह कोई और व्यक्ति फर्जी एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा दे रहा था।
ये भी पढ़ें: 'राहुल गांधी आलसी राजनेता...', कांग्रेस नेता की विदेश यात्रा पर भाजपा ने कसा तंज
याचिकाकर्ता की सफाई
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने कहा कि परीक्षा वाले दिन वह बीमार था और अस्पताल में भर्ती था। उसने यह भी कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि कोई और व्यक्ति उसकी जगह परीक्षा दे रहा है।
हाईकोर्ट में खारिज हुई जमानत याचिका
हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, जब कोई किसी की जगह परीक्षा देता है, तो यह शिक्षा प्रणाली की साख को नुकसान पहुंचाता है और समाज पर गंभीर असर डालता है।
विज्ञापन
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा, 'मुन्ना भाई अंदर रहना चाहिए।' यह टिप्पणी 2003 की बॉलीवुड फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' की ओर इशारा करती है, जिसमें अभिनेता संजय दत्त ने मुन्ना भाई का किरदार निभाया था और परीक्षा में अपने स्थान पर किसी और को बैठाया था। पीठ ने कहा, आप पूरी सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे लोगों की वजह से कई असली अभ्यर्थियों को नुकसान होता है।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता के वकील की दलील
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था और उनमें से दो को जमानत मिल चुकी है।उन्होंने यह भी कहा कि उस व्यक्ति को भी जमानत मिल चुकी है, जो दूसरे की जगह अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने बैठा था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: तीन दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे पीएम मोदी, संचालन की तैयारी पर रहेगा फोकस
यूपी सरकार को नोटिस
कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया और इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर जवाब मांगा, जिसमें याचिकाकर्ता को जमानत देने से इनकार किया गया था। मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी।
क्या है मामला
याचिकाकर्ता और अन्य लोगों के खिलाफ एक स्कूल के प्रिंसिपल की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।
परीक्षा में क्या हुआ था?
परीक्षा 15 दिसंबर 2024 को स्कूल में हुई थी। उस दौरान एक संदिग्ध अभ्यर्थी की जानकारी मिली थी। दोबारा जांच में पाया गया कि उसकी बायोमेट्रिक जानकारी मेल नहीं खा रही थी और असली याचिकाकर्ता संदीप सिंह पटेल की जगह कोई और व्यक्ति फर्जी एडमिट कार्ड के साथ परीक्षा दे रहा था।
ये भी पढ़ें: 'राहुल गांधी आलसी राजनेता...', कांग्रेस नेता की विदेश यात्रा पर भाजपा ने कसा तंज
याचिकाकर्ता की सफाई
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने कहा कि परीक्षा वाले दिन वह बीमार था और अस्पताल में भर्ती था। उसने यह भी कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि कोई और व्यक्ति उसकी जगह परीक्षा दे रहा है।
हाईकोर्ट में खारिज हुई जमानत याचिका
हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, जब कोई किसी की जगह परीक्षा देता है, तो यह शिक्षा प्रणाली की साख को नुकसान पहुंचाता है और समाज पर गंभीर असर डालता है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन