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MEA: 'चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी प्रतिबंधों में 6 महीने की छूट', PAK-अफगान तनाव समेत कई मुद्दों पर विदेश मंत्रालय
Thu, 30 Oct 2025 04:07 PM IST
लव गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: लव गौर
Updated Thu, 30 Oct 2025 04:07 PM IST
सार
MEA Press Conference: अमेरिका और भारत के बीच तनाव कम होता नजर आ रहा है। रूस के कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था, हालांकि अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ी राहत देते हुए चाबहार बंदरगाह परियोजना पर प्रतिबंधों से 6 महीने की छूट दी है, जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में दी गई।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी दिल्ली में विदेश मंत्रालाय की प्रेस वार्ता आयोजित हुई, जिसमें विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कई मुद्दों पर बयान जारी किए। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह परियोजना पर प्रतिबंधों से भारत को 6 महीने की छूट दी है। इसी के साथ उन्होंने पाकिस्तान-अफगानिस्तान में जारी तनाव पर भी प्रतिक्रिया दी।
अमेरिका की भारत को राहत
अमेरिका और भारत के बीच तनाव कम होता नजर आ रहा है। रूस के कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था, हालांकि अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ी राहत देते हुए चाबहार बंदरगाह परियोजना पर प्रतिबंधों से 6 महीने की छूट दी है, जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में दी गई।
व्यापार समझौते के लिए बातचीत जारी
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (30 अक्तूबर) को बताया कि अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह परियोजना पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को छह महीने की छूट दे दी है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ भारत की बातचीत जारी है। दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग में भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "व्यापार समझौता संपन्न करने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत जारी हैं और ये चर्चाएं जारी रहेंगी।" उन्होंने बताया कि भारत रूसी तेल कंपनियों पर हाल ही में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभावों का अध्ययन कर रहा है।
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रूसी तेल खरीद पर जानिए क्या कहा?
उन्होंने कहा, "हम रूसी तेल कंपनियों पर हाल ही में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं। हमारे निर्णय स्वाभाविक रूप से वैश्विक बाजार की बदलती गतिशीलता को ध्यान में रखते हैं।" रणधीर जायसवाल ने कहा कि जहां तक अमेरिका के द्वारा रूस की कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध की बात है, इससे हम पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं। ईंधन खरीदने का फैसला हमारे 140 करोड़ लोगों की जरूरतों को देखते हुए लिया जाता है। जो कि ऊर्जा सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों से सस्ती ऊर्जा प्राप्त करने की अनिवार्यता से निर्देशित है।
ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने जापान की नई पीएम सनाए तकाइची से की बातचीत, जानें किस बात को लेकर की चर्चा
अमेरिका से भेजे गए भारतीयों पर बयान
अमेरिका से भारतीयों को वापस भेजे जाने की खबरों पर विदेश मंत्रालय ने कहा, "इस साल जनवरी से अब तक 2790 से अधिक भारतीय नागरिक ऐसे हैं जो मानदंडों को पूरा नहीं करते थे। वे अवैध रूप से वहां रह रहे थे और हमने उनकी पहचान, उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि की और वे वापस लौट आए। यह बुधवार तक की स्थिति है। ब्रिटेन की ओर से इस साल लगभग 100 भारतीय नागरिकों को उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद वापस भेजा गया है।"
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर बड़ा बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "पाकिस्तान अफगानिस्तान द्वारा अपने क्षेत्रों पर संप्रभुता के प्रयोग करने से क्रुद्ध है। पाकिस्तान सोचता है कि उसका अधिकार है कि वो सीमा पार आतंकवाद करता रहेगा और दंड मुक्ति के साथ करता रहेगा। जहां तक भारत का सवाल है हम अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
ये भी पढ़ें: US-Canada: कनाडा से टैरिफ तनाव के बीच कार्नी से हुई ट्रंप की मुलाकात, बोले- बहुत अच्छी बातचीत हुई
पीएम मोदी ने की जापान की नई पीएम से बात
प्रधानमंत्री मोदी और जापानी प्रधानमंत्री के बीच बातचीत पर जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री ने जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए तकाइची से बातचीत की और उन्हें पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की, जो हमारे लिए एक महत्वपूर्ण साझेदारी है; यह बहुआयामी है। जहां तक क्वाड का संबंध है, हम इसे चारों साझेदारों के बीच कई क्षेत्रों में साझा हितों पर चर्चा के लिए एक मूल्यवान मंच के रूप में देखते हैं। किसी भी नेता का शिखर सम्मेलन चारों साझेदारों के बीच राजनयिक परामर्श के माध्यम से निर्धारित होता है।"
समझौते की समाप्ति पर सौंपा अयनी एयरबेस : विदेश मंत्रालय
केंद्र सरकार ने ताजिकिस्तान का अयनी एयरबेस खाली कर देने की खबर की पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अयनी एयरबेस के पुनर्निर्माण और विकास के लिए ताजिकिस्तान के साथ भारत सरकार का समझौता था। यह व्यवस्था कई वर्षों से चली आ रही थी। उन्होंने कहा कि साल 2022 में इस समझौते की समाप्ति पर यह सुविधा ताजिक पक्ष को सौंप दी गई।
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अमेरिका की भारत को राहत
अमेरिका और भारत के बीच तनाव कम होता नजर आ रहा है। रूस के कच्चा तेल खरीदने की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था, हालांकि अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ी राहत देते हुए चाबहार बंदरगाह परियोजना पर प्रतिबंधों से 6 महीने की छूट दी है, जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में दी गई।
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व्यापार समझौते के लिए बातचीत जारी
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (30 अक्तूबर) को बताया कि अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह परियोजना पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को छह महीने की छूट दे दी है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ भारत की बातचीत जारी है। दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग में भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "व्यापार समझौता संपन्न करने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत जारी हैं और ये चर्चाएं जारी रहेंगी।" उन्होंने बताया कि भारत रूसी तेल कंपनियों पर हाल ही में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभावों का अध्ययन कर रहा है।
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रूसी तेल खरीद पर जानिए क्या कहा?
उन्होंने कहा, "हम रूसी तेल कंपनियों पर हाल ही में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं। हमारे निर्णय स्वाभाविक रूप से वैश्विक बाजार की बदलती गतिशीलता को ध्यान में रखते हैं।" रणधीर जायसवाल ने कहा कि जहां तक अमेरिका के द्वारा रूस की कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंध की बात है, इससे हम पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं। ईंधन खरीदने का फैसला हमारे 140 करोड़ लोगों की जरूरतों को देखते हुए लिया जाता है। जो कि ऊर्जा सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों से सस्ती ऊर्जा प्राप्त करने की अनिवार्यता से निर्देशित है।
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अमेरिका से भेजे गए भारतीयों पर बयान
अमेरिका से भारतीयों को वापस भेजे जाने की खबरों पर विदेश मंत्रालय ने कहा, "इस साल जनवरी से अब तक 2790 से अधिक भारतीय नागरिक ऐसे हैं जो मानदंडों को पूरा नहीं करते थे। वे अवैध रूप से वहां रह रहे थे और हमने उनकी पहचान, उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि की और वे वापस लौट आए। यह बुधवार तक की स्थिति है। ब्रिटेन की ओर से इस साल लगभग 100 भारतीय नागरिकों को उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद वापस भेजा गया है।"
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर बड़ा बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "पाकिस्तान अफगानिस्तान द्वारा अपने क्षेत्रों पर संप्रभुता के प्रयोग करने से क्रुद्ध है। पाकिस्तान सोचता है कि उसका अधिकार है कि वो सीमा पार आतंकवाद करता रहेगा और दंड मुक्ति के साथ करता रहेगा। जहां तक भारत का सवाल है हम अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
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पीएम मोदी ने की जापान की नई पीएम से बात
प्रधानमंत्री मोदी और जापानी प्रधानमंत्री के बीच बातचीत पर जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री ने जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए तकाइची से बातचीत की और उन्हें पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने भारत-जापान द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की, जो हमारे लिए एक महत्वपूर्ण साझेदारी है; यह बहुआयामी है। जहां तक क्वाड का संबंध है, हम इसे चारों साझेदारों के बीच कई क्षेत्रों में साझा हितों पर चर्चा के लिए एक मूल्यवान मंच के रूप में देखते हैं। किसी भी नेता का शिखर सम्मेलन चारों साझेदारों के बीच राजनयिक परामर्श के माध्यम से निर्धारित होता है।"
समझौते की समाप्ति पर सौंपा अयनी एयरबेस : विदेश मंत्रालय
केंद्र सरकार ने ताजिकिस्तान का अयनी एयरबेस खाली कर देने की खबर की पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अयनी एयरबेस के पुनर्निर्माण और विकास के लिए ताजिकिस्तान के साथ भारत सरकार का समझौता था। यह व्यवस्था कई वर्षों से चली आ रही थी। उन्होंने कहा कि साल 2022 में इस समझौते की समाप्ति पर यह सुविधा ताजिक पक्ष को सौंप दी गई।