{"_id":"69c1b9a432359934ec01a294","slug":"us-ambassador-sergio-gor-announces-visit-of-top-defence-official-elbridge-colby-to-india-amid-west-asia-crisis-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"पश्चिम एशिया संकट के बीच आज भारत आएंगे अमेरिकी युद्ध नीति के उप सचिव कोल्बी, राजदूत सर्जियो गोर ने दी जानकारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पश्चिम एशिया संकट के बीच आज भारत आएंगे अमेरिकी युद्ध नीति के उप सचिव कोल्बी, राजदूत सर्जियो गोर ने दी जानकारी
Tue, 24 Mar 2026 03:37 AM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 24 Mar 2026 03:37 AM IST
सार
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर एक पोस्ट कर अमेरिकी युद्ध नीति उप सचिव एल्ब्रिज कोल्बी के भारत दौरे की जानकारी दी। यह दौरा पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच हो रहा है। संभावना जताई जा रही है कि इस दौरे पर भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर नए सिरे से बातचीत हो सकती है।
विज्ञापन
अमेरिकी युद्ध नीति उप सचिव कोल्बी और राजदूत सर्जियो गोर
- फोटो : ANI/Reuters
विस्तार
पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग के बीच भारत और अमेरिका ने अपनी रणनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में मंगलवार को अमेरिकी युद्ध नीति उप सचिव एल्ब्रिज कोल्बी भारत दौरे पर पहुंचेंगे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय अस्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों पर चर्चा करना है।
इसके साथ ही यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फरवरी 2025 में जारी संयुक्त वक्तव्य में तय लक्ष्यों को आगे बढ़ाना और अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे को लागू करना होगा। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस दौरे की पुष्टि करते हुए कहा है कि हम उनके स्वागत के लिए उत्सुक हैं।
कोल्बी के दौरे की क्या है वजह?
कोल्बी को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी रक्षा नीति के निर्माण में प्रमुख व्यक्तियों में से एक माना जाता है। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। इससे ठीक पहले हिंद-प्रशांत कमांडर एडमिरल सैमुअल पापारो और अमेरिकी अंतरिक्ष कमान के प्रमुख जनरल स्टीफन व्हाइटिंग समेत वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने भारत का दौरा किया था।
विज्ञापन
इस दौरे का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के साथ मेल खाता है। इस क्षेत्रीय युद्ध के कारण भारत और अन्य एशियाई देशों के लिए "कच्चे तेल, गैस और उर्वरक जैसे प्रमुख उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित" हुई हैं।
भारत-अमेरिका के संबंधों को सुधारने की कोशिश
इस पृष्ठभूमि में, यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हुई है जब नई दिल्ली और वाशिंगटन ने हाल के तनावपूर्ण दौर के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयासों को तेज कर दिया है। पहले व्यापार विवादों, मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष और भारत द्वारा रूसी ऊर्जा की खरीद के कारण इन मतभेदों को बढ़ावा मिला था।
इस दौरे पर फरवरी में व्यापार समझौते की रुपरेखा पर फिर से बातचीत होने की संभावना भी है। गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया था। इसी के चलते व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की जरूरत पड़ी है। इसके अलावा यह दौरा अक्टूबर में स्थापित सुरक्षा नींव पर आधारित है, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के भीतर सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक "10-वर्षीय रक्षा ढांचे" पर हस्ताक्षर किए थे।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
इसके साथ ही यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फरवरी 2025 में जारी संयुक्त वक्तव्य में तय लक्ष्यों को आगे बढ़ाना और अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे को लागू करना होगा। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस दौरे की पुष्टि करते हुए कहा है कि हम उनके स्वागत के लिए उत्सुक हैं।
विज्ञापन
कोल्बी के दौरे की क्या है वजह?
कोल्बी को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी रक्षा नीति के निर्माण में प्रमुख व्यक्तियों में से एक माना जाता है। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। इससे ठीक पहले हिंद-प्रशांत कमांडर एडमिरल सैमुअल पापारो और अमेरिकी अंतरिक्ष कमान के प्रमुख जनरल स्टीफन व्हाइटिंग समेत वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने भारत का दौरा किया था।
विज्ञापन
इस दौरे का समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के साथ मेल खाता है। इस क्षेत्रीय युद्ध के कारण भारत और अन्य एशियाई देशों के लिए "कच्चे तेल, गैस और उर्वरक जैसे प्रमुख उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित" हुई हैं।
भारत-अमेरिका के संबंधों को सुधारने की कोशिश
इस पृष्ठभूमि में, यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हुई है जब नई दिल्ली और वाशिंगटन ने हाल के तनावपूर्ण दौर के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयासों को तेज कर दिया है। पहले व्यापार विवादों, मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष और भारत द्वारा रूसी ऊर्जा की खरीद के कारण इन मतभेदों को बढ़ावा मिला था।
इस दौरे पर फरवरी में व्यापार समझौते की रुपरेखा पर फिर से बातचीत होने की संभावना भी है। गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया था। इसी के चलते व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की जरूरत पड़ी है। इसके अलावा यह दौरा अक्टूबर में स्थापित सुरक्षा नींव पर आधारित है, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के भीतर सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक "10-वर्षीय रक्षा ढांचे" पर हस्ताक्षर किए थे।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन