UP Politics: ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य से सपा ऐसे बदलेगी सियासी हवा! अखिलेश ने दिए ये तीन 'गुरु मंत्र'
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विस्तार
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर सियासी दलों ने अपनी फील्डिंग सजानी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को एक बड़ी बैठक कर अपने संगठन को मजबूत करने के लिए तीन ऐसे 'गुरु मंत्र' दिए, जिसके आधार पर लोकसभा चुनावों की तैयारियां की जानी हैं। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यही निकला कि समाजवादी पार्टी अपने बड़े जनअभियान को ऋषि-मुनियों की तपोस्थली नैमिषारण्य से हुंकार के साथ आगे बढ़ाएगी। लोकसभा चुनाव के जन अभियान की शुरुआत बीते कुछ दिनों से चर्चाओं में बने रहे लखीमपुर के बाद नैमिषारण्य से होने को लेकर सियासी गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि भाजपा अयोध्या और समाजवादी पार्टी नैमिषारण्य से सियासी हुंकार के साथ लोकसभा के चुनावों में आगे बढ़ेगी।
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जैसे-जैसे लोकसभा के चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं सियासी दल मैदान में उतरने के लिए अपनी रणनीतियां भी बनाते जा रहे हैं। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े सियासी दल समाजवादी पार्टी ने भी लोकसभा के चुनाव की तैयारियों को लेकर बड़ी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों के साथ आगामी लोकसभा चुनावों में मजबूती के साथ मैदान में उतरने के लिए मंथन किया। इस दौरान तय यह हुआ कि संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिसमें बूथ स्तर से लेकर सेक्टर और नगर से लेकर ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। इन शिविरों के माध्यम से ही लोकसभा चुनाव के अभियान की नींव रखी जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस शिविर की शुरुआत हाल के दिनों में राजनीतिक रूप से सबसे ज्यादा चर्चा में आए लखीमपुर खीरी जिले से की जाएगी। दूसरे नंबर पर सबसे बड़ा सियासी शिविर ऋषि मुनियों की तपोस्थली और हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल नैमिषारण्य में होगा। समाजवादी पार्टी के नेताओं के मुताबिक पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इस धर्म स्थली से लोकसभा चुनावों की सियासी राह को आगे बढ़ाएंगे।
भाजपा के अयोध्या की काट होगा नैमिषारण्य
समाजवादी पार्टी के इस बड़े शिविर को नैमिषारण्य में बड़े स्तर पर शुरू किए जाने के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक देवेंद्र प्रसाद कहते हैं कि नैमिषारण्य में कार्यकर्ताओं के शिविर का आयोजन समाजवादी पार्टी के लिए सोशल इंजीनियरिंग की बड़ी उम्मीद जैसा नजर आ रहा है। शायद यही वजह है कि पार्टी ने अपने शिविर की शुरुआत लखीमपुर और नैमिषारण्य से करने की योजना बनाई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा जिस तरीके से इस साल के अंत या अगले साल के शुरुआत में अयोध्या में राम मंदिर का भव्य शिलान्यास करके लोकसभा के चुनाव में माहौल बनेगा, उसकी काट के लिए समाजवादी पार्टी ने ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य से सियासी माहौल बनाने की पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी से जुड़े नेताओं के मुताबिक नैमिषारण्य के इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी मौजूद रहेंगे। लखीमपुर से किए जाने वाली शुरुआत को लेकर पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि जिस तरीके से बीते कुछ समय में सियासी रूप से लखीमपुर खीरी बहुत ज्यादा चर्चा में रहा इसलिए पार्टी वहां पर अपने मजबूत संगठन के साथ आगे बढ़ना चाह रही है।
लोकसभा चुनाव में ब्राह्मण वोटरों पर भी रहेगी सपा की नजर
लोकसभा चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने अपनी सियासी फील्डिंग जिस तरीके से सजानी शुरू की है। सूत्रों का कहना है कि बीते कुछ समय में पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की बयानबाजी से पार्टी के ही ब्राह्मण नेताओं में जो नाराजगी थी, उसे दूर करने के लिए पार्टी ब्राह्मणों को अपने पाले में लाने के लिए नए सियासी समीकरण साध रही है। सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी आने वाले चुनावों में न सिर्फ दलित, यादव और मुस्लिम के कॉन्बिनेशन पर चुनाव लड़ेगी, बल्कि ब्राह्मणों को भी टिकट देकर मजबूत हिस्सेदारी देने की योजना बना रही है। पार्टी से जुड़े एक बड़े ब्राह्मण नेता कहते हैं कि इस संबंध में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से उनकी बातचीत हुई है। पार्टी के उक्त नेता कहते हैं कि हिंदू धर्म में नैमिषारण्य का एक अपना अलग स्थान है। उनका कहना है कि नैमिषारण्य से समाजवादी पार्टी की इस सियासी हुंकार को एक नए नजरिए के लिहाज से भी देखना जरूरी होगा। वह कहते हैं बीते चुनावों में समाजवादी पार्टी ने जो अपना जातिगत समीकरणों को साधते हुए प्रयोग किया है उसके परिणामों से पार्टी इन लोकसभा के चुनावों में कुछ नया करने की योजना है।
यह तीन गुरु मंत्र भी दिए हैं अखिलेश यादव ने
सोमवार को ही पार्टी के बड़े नेताओं की बैठक में पार्टी को लोकसभा चुनावों के लिहाज से मजबूत करने के लिए अखिलेश यादव ने तीन महत्वपूर्ण गुरु मंत्र भी दिए। पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेता बताते हैं कि अखिलेश यादव ने सबसे पहला मंत्र पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अनर्गल बयानबाजी और अनुशासन में रहने का दिया। अखिलेश यादव ने पार्टी के लोगों को संवेदनशील मसलों के साथ-साथ सांप्रदायिक और धार्मिक मामलों में कोई भी टिप्पणी ना करने के लिए कहा। दूसरे गुरु मंत्र के तौर पर अखिलेश यादव ने अपने पार्टी के लोगों से बन रही वोटर लिस्ट और उस में जुड़ रहे प्रत्येक लोगों के नाम पर बारीक से निगाह रखने के और मुस्तैद रहने को कहा। बैठक के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा कि सपा समर्थकों के वोट काटने की भारतीय जनता पार्टी की साजिश है। इसलिए दूसरे बड़े गुरु मंत्र के तौर पर बूथ ब्लॉक और नगर स्तर पर इसको बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिए गए। तीसरा और सबसे अहम मंत्र अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं को लोगों के सुख-दुख में हर वक्त खड़े रहने के लिए दिया। अखिलेश यादव ने अपने तीसरे मंत्र में कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि लोगों की आवाज बनकर और उनके सुख-दुख में खड़े होकर समाजवादी पार्टी मजबूती की राह पर आगे बढ़ें। इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता इसको अपना कर पार्टी को मजबूत करेगा।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि लोकसभा चुनावों को लेकर सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूरे प्रदेश के जिला अध्यक्षों की बड़ी बैठक की थी। इसमें संगठन को मजबूत करने के लिए बहुत सी योजनाओं पर काम करने की तैयारियां शुरू हुई हैं। कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर पांच जून से लखीमपुर और फिर नैमिषारण्य में शुरू किए जाएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पदाधिकारियों को अगले कुछ दिनों में बूथ स्तर पर मजबूत नेटवर्क बना संगठन को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।