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Karnataka: हिजाब पर अदालती आदेश के उल्लंघन को केंद्रीय मंत्री ने बताया खतरनाक, कहा- सख्ती से निपटा जाए

Tue, 31 May 2022 10:40 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 31 May 2022 10:40 PM IST
सार

शोभा करंदलाजे ने कहा कि हाईकोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि कक्षाओं में हिजाब पहनने की कोई गुंजाइश नहीं है। सभी को कानून का सम्मान करना चाहिए।

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Union Minister Shobha Karandlaje says violating Karnataka High Court order on hijab can lead to anti nationala activities
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने मंगलवार को कहा कि शिक्षण संस्थानों में हिजाब के इस्तेमाल पर रोक संबंधी कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रहे लोगों से कड़ाई से निपटना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यह अदालत के आदेश की अवमानना है और इससे देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

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करंदलाजे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि कक्षाओं में हिजाब पहनने की कोई गुंजाइश नहीं है। कानून सबके लिए समान है और सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। जो लोग हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करना चाहते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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उनके इस बयान से एक दिन पहले ही मेंगलुरु विश्वविद्यालय की 12 छात्राओं को हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति देने का अनुरोध करने वाली उडुपी के पीयू गर्ल्स कॉलेज की मुस्लिम छात्राओं के एक वर्ग की याचिकाएं 15 मार्च को खारिज कर दी थीं।
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तीन न्यायाधीशों की पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि स्कूल की यूनिफॉर्म का नियम एक उचित पाबंदी है और संवैधानिक रूप से स्वीकृत है जिस पर छात्राएं आपत्ति नहीं उठा सकती हैं।

मंदिर-मस्जिद विवाद को लेकर कही ये बात
वहीं, मेंगलुरु स्थित मलाली मस्जिद को प्राचीन हिंदू मंदिर बताने के विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के दावे के बाद उठे विवाद के बारे में सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर हिंदू स्थलों को उन्हें लौटा दिया जाए और सब अतीत की गलतियों को सुधारने का फैसला कर लें तो सभी साथ में रह सकते हैं।

उडुपी-चिक्कमंगलुरू लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सदस्य करंदलाजे ने कहा कि अतीत में अनेक मंदिरों को तोड़ दिया गया और मौजूदा पीढ़ी ने इसे नहीं देखा। उन्होंने कहा कि अगर पुरातात्विक उत्खनन से सच सामने आता है तो चीजें सुधारने की गुंजाइश है।

उन्होंने कहा कि अगर दोनों समुदाय एक समाधान पर पहुंचने का प्रयास करें तो सौहार्दपूर्ण तरीके से हल निकाला जा सकता है।

'बच्चों को अपनी संस्कृति और इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए'
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार पर एक अध्याय शामिल करने समेत पाठ्यपुस्तकों में बदलाव की खबरों के बारे में पूछे गए सवाल पर करंदलाजे ने कहा कि सरकार को पाठ्यक्रम समिति में केवल ऐसे चेहरों को शामिल करने के बारे में सोचना चाहिए जो विवादों से नहीं जुड़े हों।  उन पाठों को शामिल किया जाना चाहिए जो सभी के दिल के करीब हों और जो बच्चों में उमंग भर सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति और इतिहास के बारे में, पूर्वजों के सामने आईं समस्याओं के बारे में और ब्रिटिश तथा मुस्लिम आक्रांताओं के देश में आने के कारणों के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए। मंत्री ने कहा, ‘मोहम्मद गजनी ने भारत पर 17 बार हमला क्यों किया था? हमारी कमजोरियां क्या हैं? इन चीजों के बारे में हमारे बच्चों को बताना होगा।’


'लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून की जरूरत'
तटीय कर्नाटक में ‘लव जिहाद’ के एक मामले और उस पर बजरंग दल के विरोध के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए करंदलाजे ने कहा कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए कड़े कानून की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘मैंने पहले भी कहा था और आज फिर दोहराती हूं कि लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून की जरूरत है।’

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