तेलंगाना: केंद्रीय मंत्री के बेटे भगीरथ को पॉक्सो मामले में सात दिन की अंतरिम जमानत मिली, जानें क्या है मामला
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे भगीरथ को हैदराबाद की अदालत ने पॉक्सो केस में 25 जून तक अंतरिम जमानत दे दी है। भगीरथ को यह राहत अपनी बीबीए परीक्षा में शामिल होने के लिए मिली है। उन्हें 16 मई को यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे भगीरथ को अदालत से राहत मिल गई है। एक पॉक्सो मामले में जेल में बंद भगीरथ को अंतरिम जमानत मिली है। हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने भगीरथ को 25 जून तक के लिए यह राहत दी है। जमानत मिलने की वजह भगीरथ की बीबीए की परीक्षाएं हैं। उन्हें परीक्षा देने के लिए कोर्ट ने जेल से बाहर आने की इजाजत दी है।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस
यह पूरा मामला पेटबशीरबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। बीते आठ मई को एक 17 साल की नाबालिग लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी। मां का आरोप था कि भगीरथ के उनकी बेटी के साथ संबंध थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भगीरथ ने उनकी बेटी का यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट के सामने लड़की के बयान दर्ज कराए गए।
हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
लड़की के बयान के बाद मामले में और भी गंभीर धाराएं जोड़ी गईं। मामला बढ़ता देख भगीरथ ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट में अंतरिम राहत के लिए याचिका लगाई। लेकिन हाईकोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से राहत देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद 16 मई की रात को पुलिस ने भगीरथ को गिरफ्तार कर लिया। तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे।
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पैसे ऐंठने और ब्लैकमेलिंग का जवाबी आरोप
इस मामले में भगीरथ की तरफ से भी एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने भगीरथ की शिकायत पर भी एक एफआईआर दर्ज की है। अपनी शिकायत में भगीरथ ने लड़की और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भगीरथ का कहना है कि लड़की ने खुद उनसे जान-पहचान बढ़ाई थी। वह लड़की के बुलावे पर ही उसके पारिवारिक कार्यक्रमों और कुछ धार्मिक स्थलों पर दोस्तों के साथ गए थे।
आरोप है कि बाद में लड़की और उसके माता-पिता उन पर शादी का दबाव बनाने लगे। भगीरथ का दावा है कि जब उन्होंने शादी से मना कर दिया, तो लड़की के परिवार ने उनसे पैसों की मांग शुरू कर दी। पैसे नहीं देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। फिलहाल अदालत ने भगीरथ को केवल परीक्षा देने के लिए सीमित समय की अंतरिम जमानत दी है। 25 जून को यह समय सीमा खत्म हो जाएगी।
क्यों मिली अंतरिम जमानत?
सूत्रों के अनुसार, अदालत ने भागीरथ को अंतिम परीक्षा में उपस्थित होने और परीक्षा देने में सक्षम बनाने के लिए अस्थायी जमानत दी है। सूत्रों ने आगे बताया कि अंतरिम जमानत सात दिनों तक सीमित है और अदालत द्वारा लगाई गई शर्तों के अधीन है। बंदी साई भागीरथ को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज एक कथित मामले के संबंध में 29 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके जवाब में, बंदी साई भागीरथ का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने पुलिस की याचिका का कड़ा विरोध किया और इसे तत्काल खारिज करने की मांग करते हुए एक विस्तृत जवाबी याचिका दायर की।