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POCSO Case: पॉक्सो मामले में मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे को हाई कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी पर नहीं लगी रोक

Sat, 16 May 2026 02:03 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 16 May 2026 02:03 AM IST
सार

पॉक्सो मामले में घिरे केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भगीरथ को तेलंगाना हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने शुक्रवार रात उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। पीड़िता पक्ष ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताई है। वहीं, भगीरथ ने लड़की के परिवार पर ब्लैकमेल कर 5 करोड़ रुपये मांगने का एक अलग केस दर्ज कराया है। आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...

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POCSO case Union Minister Bandi Sanjay Kumars son fails to get interim relief in High Court
बंडी संजय कुमार। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भगीरथ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में फंसे भगीरथ को तेलंगाना हाई कोर्ट से कोई भी फौरी राहत नहीं मिल पाई है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है, जिससे अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। यह मामला एक नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है।
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तेलंगाना हाई कोर्ट की जज जस्टिस टी माधवी देवी ने शुक्रवार शाम को इस मामले की सुनवाई शुरू की थी। आधी रात तक चली इस लंबी सुनवाई के बाद जज ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह इस स्तर पर भगीरथ को गिरफ्तारी से कोई भी अंतरिम सुरक्षा या राहत देने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। भगीरथ के वकील ने अदालत से बार-बार यह गुहार लगाई थी कि जब तक अदालत का अंतिम आदेश नहीं आ जाता, तब तक उनके मुवक्किल को गिरफ्तार न किया जाए। लेकिन अदालत ने फिलहाल यह मांग नहीं मानी है और कहा है कि छुट्टी के बाद अगले वर्किंग डे (कामकाज के दिन) पर कोर्ट अपना आदेश जारी करेगी।
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पीड़िता के वकील ने अदालत में जमानत का विरोध करते हुए क्या दलील दी?
अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील ने भगीरथ को अग्रिम जमानत या किसी भी तरह की राहत देने का बहुत कड़ा विरोध किया। वकील ने अदालत में यह दलील दी कि आरोपी भगीरथ के पिता बंडी संजय कुमार राजनीति में एक बहुत ही रसूखदार और प्रभावशाली व्यक्ति हैं। ऐसे में अगर आरोपी को बाहर छोड़ दिया जाता है, तो इस बात की पूरी संभावना है कि वह अपने रसूख का इस्तेमाल करके सबूतों के साथ छेड़छाड़ करेगा। वहीं दूसरी तरफ, भगीरथ के वकील का कहना था कि 2025 में लड़की के साथ भगीरथ के अच्छे संबंध थे और अदालत के पास फैसला आने तक अंतरिम जमानत देने का अधिकार है।
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पुलिस ने भगीरथ पर पॉक्सो एक्ट की सख्त धाराएं क्यों लगाई?
यह पूरा मामला आठ मई को तब दर्ज किया गया था, जब एक 17 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत की थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भगीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और उसने लड़की का यौन उत्पीड़न किया है। शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। लेकिन बाद में जब नाबालिग पीड़िता ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भगीरथ के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की और भी अधिक सख्त धाराएं लगा दीं।

भगीरथ ने लड़की के परिवार पर ब्लैकमेल करने का क्या आरोप लगाया?
इस पूरे विवाद में आरोपी भगीरथ ने भी लड़की और उसके परिवार पर पलटवार करते हुए अपनी तरफ से एक एफआईआर दर्ज कराई है। भगीरथ का आरोप है कि लड़की के परिवार ने उसका भरोसा जीतकर उसे फंसाने की साजिश रची है। भगीरथ के मुताबिक, लड़की और उसके माता-पिता उस पर शादी करने का भारी दबाव डाल रहे थे। जब उसने शादी से इनकार कर दिया, तो परिवार ने पांच करोड़ रुपये मांगे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। भगीरथ ने दावा किया कि डर के मारे उसने 50 हजार रुपये दिए भी थे, लेकिन लड़की के परिवार ने धमकी दी कि अगर और पैसे नहीं मिले तो लड़की की मां आत्महत्या कर लेगी।
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