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सीएए पर घमासान: रविशंकर बोले- यूपी में कानून के खिलाफ हिंसा में पीएफआई की भूमिका सामने आई

Thu, 02 Jan 2020 01:02 AM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Thu, 02 Jan 2020 01:02 AM IST
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Union Minister Ravi Shankar Prasad said PFI role in violence against CAA came out in UP
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की भूमिका सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय साक्ष्यों के आधार पर इस संगठन के खिलाफ कार्रवाई पर फैसला करेगा। रविशंकर ने कहा कि हिंसा के अलावा पीएफआई के तार प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से भी जुड़ रहे हैं। इन साक्ष्यों को मद्देनजर गृह मंत्रालय पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय करेगा। 

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इससे पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने राज्य में 19 दिसंबर को सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में हुई हिंसा को लेकर पीएफआई की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने के लिए गृह मंत्रालय को एक पत्र भी लिखा था। हिंसा के मामले में यूपी पुलिस ने पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष समेत इसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पीएफआई दिल्ली आधारित एक संगठन है, जिसकी स्थापना 22 नवंबर, 2006 को हुई थी।
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कांग्रेस और वामदलों को घेरा
रविशंकर ने सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पर विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथों लिया। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि सीएए किसी भी भारतीय की नागरिकता नहीं छीनेगा। रविशंकर ने कहा, ‘मैं सीएए का समर्थन करता हूं। कुछ लोग नए कानून को समझे बगैर इसका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस इसे समझने को तैयार नहीं है, जो ज्यादा हैरान करने वाला है। माकपा, भाकपा और दूसरे वामदल जानबूझकर इस कानून को समझना नहीं चाहते। यह देश के किसी भी नागरिक पर लागू नहीं होगा। यह किसी भी भारतीय को न तो नागरिकता देता है और न उनकी नागरिकता छीनता है।’ उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ केरल विधानसभा से पास हुआ प्रस्ताव असंवैधानिक है। सीएए संसद से पास हुआ है और सभी राज्य इसको लागू करने के लिए बाध्य हैं।
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प्रस्ताव संविधान, संसद का अपमान: नकवी
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सीएए को वापस लेने का प्रस्ताव लाकर केरल विधानसभा ने देश के संविधान और संसद का अपमान किया है। संविधान में स्पष्ट रूप से संसद और राज्य विधानसभाओं की भूमिका चित्रित है। उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाला व्यक्ति जब इसे बर्बाद करे तो यह सबसे गैर जिम्मेदाराना कृत्य माना जाता है। संसद के दोनों सदनों से पास सीएए को अगर कोई राज्य हाईजैक करने का प्रयास करेगा तो यह संविधान और संसद दोनों का अपमान है।

प्रस्ताव असंवैधानिक कानून के खिलाफ : विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य विधानसभा से सीएए के खिलाफ पास हुए प्रस्ताव का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र द्वारा लाए गए असंवैधानिक कानून के खिलाफ है। सीएए असंवैधानिक है, जिसे पूरे देश ने देखा है। बता दें कि केरल विधानसभा ने मंगलवार को सीएए को वापस लेने वाला प्रस्ताव पास किया था। प्रस्ताव से पहले विधानसभा के विशेष सत्र में विजयन ने कहा था कि सीएए स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे का हिस्सा है। आरएसएस देश के मुस्लिमों को आंतरिक दुश्मन समझता है।

अराजकता को जन्म देगा प्रस्ताव: भाजपा
भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि सीएए के खिलाफ केरल विधानसभा में लाया गया प्रस्ताव गलत और असंवैधानिक है, जो अराजकता को जन्म देगा। भाजपा नेता ने कहा कि सीएए कानूनी रूप से संसद से पास हुआ, जो वैध है, जिस पर राष्ट्रपति की मुहर लग चुकी है।

राज्यों के साथ सहयोग करे केंद्र: डी राजा
केरल विधानसभा से पास हुए प्रस्ताव के अगले दिन भाकपा के महासचिव डी राजा ने कहा कि केंद्र को राज्यों के साथ सहयोग करना चाहिए और उनकी मांगों को सुनना चाहिए। लोगों को यह समझना चाहिए कि भारत एक चुनी हुई संसद और विधानसभाओं का देश है। इसलिए केंद्र और राज्यों के बीच उचित समन्वय होना चाहिए। राजा ने कहा कि अगर राज्य इस कानून के खिलाफ हैं तो केंद्र को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए।

बिना दबाव पूरे देश में लागू हो कानून: वीएचपी
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अलोक कुमार ने सीएए का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र को बिना किसी के दबाव में आए संशोधित नागरिकता कानून को पूरे देश में लागू करना चाहिए। लगातार दो लोकसभा चुनाव हार चुकी हैं विपक्षी पार्टियों के बहकावे में आकर लोग इसका विरोध कर रहे हैं।

तमिल लेखक नेल्लाई की गिरफ्तारी की मांग
तमिलनाडु की भाजपा ईकाई ने सीएए विरोधी रैली में शामिल हुए तमिल लेखक नेल्लाई कन्नान को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। प्रदेश भाजपा सचिव केटी राघवन ने कहा ने राज्य सरकार को नेल्लाई के खिलाफ बिना देरी कार्रवाई करनी चाहिए। हमारी पार्टी नेल्लाई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में नेल्लाई ने शिरकत की थी और भाषण दिया था।


टीएमसी के खिलाफ अभियान चलाएगी भाजपा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी नागरिकता कानून का मुखर विरोध कर रहे हैं। अब इससे निपटने के लिए बंगाल के भाजपा नेताओं ने टीएमसी के खिलाफ अभियान शुरू करने का फैसला किया है। भाजपा को लगता है कि अगले साल 2021 में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में सीएए एक बड़ा मुद्दा होगा और यह पार्टी के लिए ‘ट्रंप कार्ड’ है। इसी को आधार बनाकर पार्टी ने टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला किया है।

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