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'ओला-उबर' बयान पर गडकरी ने किया सीतारमण का बचाव, ट्रैफिक जुर्माने पर कही ये बात

Wed, 11 Sep 2019 07:00 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Wed, 11 Sep 2019 07:00 PM IST
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Union Minister Nitin Gadkari said revised traffic fines is not a revenue scheme
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी - फोटो : एएनआई

ऑटो सेक्टर में मंदी को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा था कि ओला और उबर जैसी टैक्सी सेवाओं में युवाओं की बढ़ती दिलचस्पी इसकी एक बड़ी वजह है। इस बयान को लेकर वित्त मंत्री की काफी आलोचना भी हुई थी। वहीं, सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आज सीतारमण का बचाव किया। गडकरी ने कहा कि वित्त मंत्री के बयान को गलत समझा गया। उन्होंने कहा था कि मंदी के पीछे कई वजहें हैं, ओला और उबर उन वजहों में से एक है।

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गडकरी ने सार्वजनिक परिवहन को भी इसका बड़ा कारण बताते हुए कहा कि पूरे देश में सार्वजनिक परिवहन बेहतर होना भी मंदी की एक वजह है। एक ऑटोमोबाइल कंपनी के कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि पिछले कुछ महीने में ऑटो सेक्टर में आ रही लगातार के गिरावट के पीछे कई कारण रहे हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे ई-रिक्शा की बिक्री बढ़ने से सामान्य ऑटो रिक्शा की बिक्री प्रभावित हुई है। 
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'जीएसटी घटाने का फैसला जीएसटी काउंसिल के हाथ में'

मंदी से उबरने के लिए ऑटो सेक्टर की ओर से सरकार से मदद की मांग भी की गई थी। इसमें जीएसटी को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने की मांग की गई थी। इसे लेकर गडकरी ने कहा कि जीएसटी पर कोई भी निर्णय जीएसटी काउंसिल ही लेगी। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि वित्त मंत्री जीएसटी घटाने के लिए राज्यों से बात करेंगी। 

बढ़ा ट्रैफिक जुर्माना मुनाफा कमाने की योजना नहीं : गडकरी

नितिन गडकरी ने कहा कि नए मोटर वाहन कानूनों के तहत भारी-भरकम जुर्माने को कम करने वाले राज्यों से उन्हें कोई समस्या नहीं है। यह उनका हक है। जुर्माने की रकम बढ़ाने का फैसला लोगों की जान बचाने के लिए लिया गया है। राज्य सरकार चाहें तो जुर्माना घटाने का फैसला कर सकती है। यह उन पर निर्भर करता है। गडकरी ने कहा, मैं तो राज्यों से यही कहूंगा कि जुर्माने से मिली रकम उन्हीं को मिलेगी। गडकरी का बयान उस वक्त आया है, जब एक दिन पहले ही गुजरात सरकार ने जुर्माने की रकम घटाने का फैसला किया था।

दिल्ली में एक कार्यक्रम में भारी भरकम चालान के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा, यह कोई राजस्व स्कीम नहीं है। क्या आप सालाना डेढ़ लाख लोगों की मौत को लेकर चिंतित नहीं है? अगर राज्य सरकार इसे काम करना चाहती है तो करे। लेकिन, क्या यह सच नहीं है कि लोगों ने कभी कानून को नहीं माना और न ही इसको लेकर खौफ रहा है। गडकरी ने कहा, जुर्माने का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं है। हम लोगों से कोई जुर्माना नहीं वसूलना चाहते हैं। हम सड़क सफर को सुरक्षित बनाना चाहते हैं। अगर लोग परिवहन नियमों का पालन करेंगे तो उन्हें कोई रकम देने की जरूरत नहीं है। 
 


इससे पहले भी गडकरी ने नए मोटर वाहन नियम के तहत सड़क के नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना बढ़ाए जाने को सही बताते हुए कहा था कि इससे पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने से व्यवस्था पारदर्शी होगी, इससे भ्रष्टाचार नहीं होगा। 

गुजरात सरकार ने जुर्माने की राशि में की कटौती

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए संशोधित मोटर वाहन एक्ट के अनुसार बढ़ी जुर्माने की रकम में गुजरात सरकार ने मंगलवार को कटौती कर दी। कई जुर्माने को तो लगभग आधा ही घटा दिया गया। इस मामले पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि हमने राज्यों इस बात की जानकारी ली है। कोई भी राज्य इस एक्ट से बाहर नहीं जा सकता।

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