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Gujarat: गृह मंत्री अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की, ट्रस्ट का मोबाइल एप भी लॉन्च किया
Sun, 19 Mar 2023 10:01 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 19 Mar 2023 10:01 PM IST
सार
कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) के किसान भवन का उद्घाटन करने पहुंचे शाह ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की भी जोरदार वकालत की। शाह ने कहा कि यूरिया के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से खेती की जमीन खराब हो गई है और लाखों किसान प्राकृतिक खेती का रुख कर चुके हैं। हमें प्राकृतिक खेती की ओर तेजी से बढ़ना होगा और दुनिया को रास्ता दिखाना होगा।
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Amit Shah
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात में गीर के सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस पहले उन्होंने सोमनाथ ट्रस्ट का मोबाइल एप भी लॉन्च किया। दरअसल, अमित शाह विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए गुजरात की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के दूसरे दिन वे सोमनाथ मंदिर पहुंचे।
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पीएम के फैसले किसानों की आय कई गुना बढ़ाएंगे...
इससे पहले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जैविक उत्पादों एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल से अनुमोदित राष्ट्रीय स्तर की बहुराज्य सहकारी समितियां आने वाले 10 साल में किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने में मददगार साबित होंगी। कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) के किसान भवन का उद्घाटन करने पहुंचे शाह ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की भी जोरदार वकालत की।
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#WATCH | Union Home Minister Amit Shah along with his family members offers prayers at Somnath Temple in Gir, Gujarat. pic.twitter.com/B68fPBnNqW
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 19, 2023
शाह ने कहा कि इससे मिट्टी और पर्यावरण को भी रासायनिक खाद से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि पीएम मोदी के शुरू किए गए काम अगले 10 वर्षों में किसानों की आय को न केवल दोगुना, बल्कि कई गुना बढ़ाएंगे। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट में तीन बहुराज्य सहकारी समितियों की स्थापना का अहम फैसला किया, जिनमें से दो समितियां राज्य के किसानों के लिए बहुत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा, एक सहकारी समिति, किसानों से खरीदे गए जैविक उत्पादों के मुनाफे को सीधे उन्हें हस्तांतरित करेगी। शाह ने कहा कि एक अन्य सहकारी समिति किसानों को देश के किसी भी गांव से अपनी उपज निर्यात करने में मदद करेगी और लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित करने के साथ एक निर्यात घर के रूप में काम करेगी।
हर पंचायत में होगी सहकारी समिति
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार ने देश की प्रत्येक पंचायत में एक सहकारी समिति स्थापित करने का भी निर्णय लिया है, जो केंद्र की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा, सहकारिता से किसानों को फायदा होता है। केंद्र सरकार का बजट आप (किसानों) तक नहीं पहुंचता क्योंकि सहकारी ढांचा सही नहीं है। अगर सहकारी ढांचा मजबूत होगा तो केंद्र सरकार की सभी योजनाएं आप तक पहुंचने लगेंगी।
नई शिक्षा नीति को जल्द ही लागू किया जाएगा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि युवाओं को वैश्विक नागरिक बनाने के उद्देश्य से नई शिक्षा नीति को जल्द ही लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य किसी को पूर्ण पुरुष बनाना है और नई शिक्षा नीति ऐसा करेगी। सरल शब्दों में कहूं तो नई शिक्षा नीति का मकसद नई पीढ़ी को वैश्विक नागरिक बनाना है।
गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आए शाह यहां गांधीनगर में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के आपके बैच को अमृत काल के बैच के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा, बच्चों को आजादी की लड़ाई के बारे में पता होना चाहिए। पिछले 75 सालों में हमने बहुत कुछ हासिल किया है। आप सभी को इसके बारे में पता होना चाहिए। और अगले 25 सालों तक भारत को दुनिया में नई ऊंचाईयों तक पहुंचाना आपकी जिम्मेदारी बनती है। केंद्रीय मंत्री ने छात्रों से यह भी कहा कि वे एक ऐसी भूमि से स्नातक कर रहे हैं, जिसका ऐतिहासिक महत्व है।
गौरतलब है कि कैबिनेट ने इस साल जनवरी में राष्ट्रीय निर्यात समिति, जैविक उत्पाद राष्ट्रीय सहकारी समिति और राष्ट्रीय बहु-राज्य बीज सहकारी समिति की स्थापना को मंजूरी दी थी। अमित शाह ने कहा कि सरकार ने देश की प्रत्येक पंचायत में एक सहकारी समिति स्थापित करने का भी निर्णय लिया है, जो केंद्र की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा, सहकारिता से किसानों को फायदा होता है। केंद्र सरकार का बजट आप (किसानों) तक नहीं पहुंचता क्योंकि सहकारी ढांचा सही नहीं है। अगर सहकारी ढांचा मजबूत होगा तो केंद्र सरकार की सभी योजनाएं आप तक पहुंचने लगेंगी।