MoU: जैव विविधता संरक्षण पर नेपाल से करार, तुअर, उड़द व चने को लेकर कैबिनेट के बड़े फैसले
भारत-नेपाल सीमा से सटा इलाका भारतीय उपमहाद्वीप में बचे कुछ वन्य जीवों का आश्रय स्थल है। दोनों देशों की सरकारें इन वन्य जीवों व जैव विविधता के संरक्षण के कदम उठाने जा रही हैं।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जैव विविधता संरक्षण के लिए नेपाल के साथ समझौते (MoU) करने की मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में इससे संबंधित पर्यावरण मंत्रालय के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इसके साथ ही मोदी मंत्रिमंडल ने दो योजनाओं के तहत तुअर, उड़द और मसूर की खरीद सीमा को बढ़ाने की भी मंजूरी दी। इसके अलावा बफर स्टॉक से राज्यों को रियायती दरों पर 15 लाख टन चना देने की मंजूरी दी।
भारत-नेपाल के बीच प्रस्तावित एमओयू दोनों देशों के बीच वनों, वन्य जीवों, पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने में मदद करेगा। इसमें भारत-नेपाल कॉरिडोर की बहाली और आसपास के क्षेत्रों में वन्य संरक्षण व जैव संरक्षण के उपायों का प्रावधान रहेगा।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। समझौते में जैव संरक्षण को लेकर ज्ञान और श्रेष्ठ परंपराओं को दोनों देशों के बीच साझा करने का भी प्रावधान होगा।
बता दें, भारत-नेपाल सीमा से सटा इलाका भारतीय उपमहाद्वीप में बचे कुछ वन्य जीवों का आश्रय स्थल है। दोनों देशों की सरकारें इन वन्य जीवों व जैव विविधता के संरक्षण के कदम उठाने जा रही हैं।