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Budget 2023: केंद्रीय बजट 2023 आज संसद में किया जाएगा पेश, निर्मला सीतारमण से ये हैं पांच बड़ी उम्मीदें

Wed, 01 Feb 2023 02:23 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 01 Feb 2023 02:23 AM IST
सार

Union Budget India: मंगलवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की वास्तविक वृद्धि को 6-6.8 प्रतिशत की सीमा में नीचे और ऊपर के जोखिमों के आधार पर आंका गया।

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Union Budget 2023 to be tabled in Parliament Today, Here are 5 big expectations
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री भागवत कराद और पंकज चौधरी के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में केंद्रीय बजट 2023 पेश करेंगी। अगले साल गर्मियों में आम चुनाव का सामना करने से पहले यह नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।आज सुबह 11 बजे जब वित्त मंत्री अपना संबोधन शुरू करेंगी, तो भारतीय मध्यम वर्ग और भारतीय उद्योग जगत वैश्विक मंदी के मद्देनजर कुछ राहत का बेसब्री से इंतजार कर रहा होगा।

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इससे पहले मंगलवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की वास्तविक वृद्धि को 6-6.8 प्रतिशत की सीमा में नीचे और ऊपर के जोखिमों के आधार पर आंका गया। सर्वेक्षण में इस तथ्य को रेखांकित किया गया है कि वैश्विक एजेंसियां कोविड-19 महामारी के झटके, रूस-यूक्रेन युद्ध और दुनिया भर में केंद्रीय बैंकों द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में पेश कर रही हैं।
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बाद में मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था केंद्र द्वारा किए गए सुधारों के दम पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार है और दशक के शेष भाग में 6.5 से सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों को छोड़कर आगामी वित्त वर्ष में कुल मिलाकर मुद्रास्फीति अच्छी स्थिति में रहने की संभावना है। इसी बीच हम उन उम्मीदों का जिक्र कर रहे हैं जो इस साल के बजट से है। 

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निर्मला सीतारमण के पांचवें बजट से ये हैं पांच बड़ी उम्मीदें

आयकर में राहत:  वेतनभोगी पेशेवर वे करदाता हैं जिन्हें बजट से सबसे अधिक उम्मीदें हैं। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि और ईंधन की कीमतों में वृद्धि से मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। उम्मीदें व्याप्त हैं कि वित्त मंत्री मध्यम वर्ग को बहुत आवश्यक राहत प्रदान करने के लिए आयकर स्लैब में बदलाव कर सकती हैं। हाल ही में सीतारमण ने कहा था कि वह खुद को एक मध्यम वर्ग के रूप में पहचानती हैं और इस वर्ग द्वारा सामना किए जाने वाले दबाव को समझती हैं।


रियल एस्टेट सेक्टर: रियल एस्टेट सेक्टर कोविड-19 महामारी के कारण सूखे के दौर के बाद वापस उछाल बनाने में कामयाब रहा है। आवास क्षेत्र आगामी वित्तीय वर्ष में एक मजबूत मांग पर नजर गड़ाए हुए है। प्रमुख उम्मीदों में करों में छूट, स्टांप शुल्क में कमी, सीमेंट और स्टील जैसे कच्चे माल पर जीएसटी में कमी शामिल है। अरिहंत इंफ्रास्ट्रक्चर के सीएमडी अशोक छाजेर ने एएनआई को बताया कि सरकार को होम लोन की दरों को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। छाजेर ने कहा कि सरकार को गृह ऋण की दरें कम करनी चाहिए। किफायती आवास खंड, जिसे 45 लाख रुपये पर सीमित किया गया है उसे बढ़ाकर 60-75 लाख रुपये में बदला जाना चाहिए, जो कि मेट्रो शहरों और दूसरे स्तर के शहरों में एक घर की औसत लागत है।

स्वास्थ्य देखभाल: स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र देश में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने पर अधिक खर्च की उम्मीद कर रहा है। संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, कुल स्वास्थ्य व्यय में केंद्र की हिस्सेदारी वित्तीय वर्ष 2014-15 में 28.6 प्रतिशत से बढ़कर 2019-2020 में 40.6 प्रतिशत हो गई है। पीटीआई ने बताया कि सर्वेक्षण में कहा गया है कि सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूत किया है और वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए खुद को तैयार किया है।

रेलवे: रेल बजट अब केंद्रीय बजट में ही शामिल है, जिसे आज पेश किया जाएगा। इसे लेकर आम जनता की उम्मीदों में ट्रेन टिकट के किराए को नियंत्रित करना, ट्रेनों में साफ-सफाई पर ध्यान देना, ट्रेनों की संख्या में वृद्धि आदि शामिल हैं। छात्रों ने मांग की है कि रेलवे उनके लिए दूसरे शहरों में परीक्षा देने के लिए अलग से ट्रेन चलाए।


विनिर्माण: विशेषज्ञों को बजट से बहुत उम्मीदें हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यह विनिर्माण क्षेत्र को फिर से सक्रिय करेगा जो कोविड-19 महामारी के प्रभाव से उबरने की कोशिश कर रहा है। यह क्षेत्र विकास के लिए नई नीतियों, रियायतों और अन्य योजनाओं की उम्मीद कर रहा है।

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