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Umar Khalid Bail Row: 'अदालत किसी दबाव में नहीं', उमर को बेल पर ममदानी के समर्थन पर बोले वरिष्ठ वकील एसवी राजू
Mon, 05 Jan 2026 02:12 PM IST
शिवम गर्ग
अहमदाबाद
अहमदाबाद
Published by: शिवम गर्ग
Updated Mon, 05 Jan 2026 02:12 PM IST
सार
उमर खालिद के समर्थन में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के पत्र पर पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सूर्यप्रकाश वी. राजू ने कहा कि भारतीय अदालतें साक्ष्यों और कानून के आधार पर फैसले लेती हैं, किसी बाहरी दबाव से नहीं।
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जोहरान ममदानी और उमर खालिद
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
उमर खालिद के समर्थन में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा पत्र लिखे जाने को लेकर भारत में राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सूर्यप्रकाश वी. राजू ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारतीय अदालतें किसी भी तरह के बाहरी दबाव या प्रभाव में नहीं आतीं।
सूर्यप्रकाश वी. राजू ने स्पष्ट किया कि भारत में न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह साक्ष्यों और देश के मौजूदा कानूनों के आधार पर चलती है। उन्होंने कहा कि किसी विदेशी नेता या बाहरी व्यक्ति द्वारा लिखा गया कोई भी पत्र अदालतों के फैसले को प्रभावित नहीं कर सकता।
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पूर्व ASG ने यह भी चेतावनी दी कि किसी लंबित मामले में जमानत या रिहाई की मांग करते हुए अदालत को पत्र लिखना प्रशासनिक न्याय में हस्तक्षेप माना जा सकता है। ऐसे कदम को अदालत की अवमानना की श्रेणी में भी देखा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि भारतीय अदालतें ऐसे किसी प्रयास से प्रभावित नहीं होतीं और न ही भविष्य में होंगी।
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सूर्यप्रकाश वी. राजू ने स्पष्ट किया कि भारत में न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह साक्ष्यों और देश के मौजूदा कानूनों के आधार पर चलती है। उन्होंने कहा कि किसी विदेशी नेता या बाहरी व्यक्ति द्वारा लिखा गया कोई भी पत्र अदालतों के फैसले को प्रभावित नहीं कर सकता।
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पूर्व ASG ने यह भी चेतावनी दी कि किसी लंबित मामले में जमानत या रिहाई की मांग करते हुए अदालत को पत्र लिखना प्रशासनिक न्याय में हस्तक्षेप माना जा सकता है। ऐसे कदम को अदालत की अवमानना की श्रेणी में भी देखा जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि भारतीय अदालतें ऐसे किसी प्रयास से प्रभावित नहीं होतीं और न ही भविष्य में होंगी।