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ब्रिटिश पीएम ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर कहा- भारत-पाक को अकेले सुलझाना चाहिए कश्मीर विवाद

Wed, 21 Aug 2019 12:16 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Wed, 21 Aug 2019 12:16 AM IST
सार

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर की ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से बात
  • पीएम मोदी ने उठाया 15 अगस्त के दिन लंदन में उच्चायोग के बाहर हुई हिंसा का मुद्दा
  • प्रधानमंत्री जॉनसन ने घटना पर जताया दु:ख, कश्मीर विवाद को बताया द्विपक्षीय मुद्दा

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UK PM tells Modi over telephonic conversation India Pakistan alone must resolve Kashmir issue
नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन से फोन पर पर बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग ले रहे भारतीयों से हिंसा का मुद्दा भी उठाया। पीएम ने उच्चायोग के बाहर जुटी भीड़ द्वारा एजेंडे के तहत की गई हिंसा और तोड़फोड़ का जिक्र कर इस पर चिंता जताई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कश्मीर पर भी बात हुई। ब्रिटिश पीएम ने स्पष्ट कहा है कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है। दोनों देशों को आपसी बातचीत से इसका समाधान निकालना चाहिए।
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प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक जॉनसन ने इस मामले को दु:खद बताया है। उन्होंने भारतीय समकक्ष को भरोसा दिलाया कि उच्चायोग, उसके कर्मचारी और वहां आने वालों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान मोदी ने वैश्विक आतंकवाद का भी मुद्दा उठाया। इससे पहले मोदी ने जॉनसन को पीएम चुने जाने पर बधाई दी। वहीं, जॉनसन ने भी मोदी को दोबारा पीएम बनने की बधाई दी। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस पर कुछ पाकिस्तानी लोगों और अलगाववाद के समर्थकों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया था।
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ट्रंप ने कश्मीर पर गतिरोध को बताया ‘विस्फोटक’, दिया मध्यस्थता का प्रस्ताव

बता दें इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कश्मीर के हालातों को ‘विस्फोटक’ करार दिया और इस मुद्दे पर लंबे समय से विवाद में उलझे परमाणु शक्ति संपन्न भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर मध्यस्थता करने का प्रस्ताव दिया। ट्रंप ने कहा, वह इस सप्ताह के अंत में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने यह मुद्दा उठाएंगे, जिन्होंने अमेरिका से भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर में तनाव करने में मदद मांगी है। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, कश्मीर बेहद जटिल स्थान है। आपके पास हिंदू हैं और मुस्लिम भी हैं और मैं नहीं कहूंगा कि वे एक साथ बहुत अच्छे हैं। मैं सबसे अच्छा यहीं करूंगा कि मैं मध्यस्थता कर सकता हूं।

कश्मीर पर ट्रंप ने इमरान से कहा, जरा संभलकर बोलें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब आधे घंटे तक हुई टेलीफोन वार्ता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाक पीएम इमरान खान को फोन करके उन्हें कश्मीर पर बयान देते वक्त संयम बरतने को कहा है। उन्होंने इमरान को सलाह दी है कि वे ऐसा कुछ न बोलें जिससे क्षेत्र में कठिन हालात पैदा हों और तनाव बढ़े। ट्रंप ने दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया।

दोनों नेताओं से बात के बाद ट्रंप ने क्षेत्र में स्थिति को ‘कठिन’ बताते हुए कहा कि उनकी दोनों पीएम से अच्छी बात हुई है। ट्रंप ने कहा, मैंने दो अच्छे दोस्तों पीएम मोदी और पीएम इमरान खान से ट्रेड, रणनीतिक साझेदारी और सबसे खास बात कश्मीर में तनाव करने को लेकर बात की है। बातचीत के दौरान ट्रंप ने इमरान को जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ बयानबाजी पर संयम बरतने की नसीहत दी।

व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप ने कश्मीर पर दोनों देशों से तनाव कम करने का आग्रह किया। ट्रंप की इमरान से एक सप्ताह के अंदर यह दूसरी बातचीत है। मोदी से पहले ट्रंप इमरान से एक बार और वार्ता कर चुके हैं। सोमवार को मोदी ने पाक या इमरान का नाम लिए बिना ट्रंप को कहा था कि कुछ नेता भारत के खिलाफ हिंसा का रवैया अपना रहे हैं जो शांति प्रक्रिया में बाधक है।

अलग-थलग पड़ा पाक

जम्मू-कश्मीर के मामले में पाकिस्तान पूरी दुनिया से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है लेकिन उसे हर जगह निराशा ही हाथ लग रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बंद कमरे में हुई बैठक में भी उसे चीन के सिवा किसी का साथ नहीं मिला। यहां तक कि अरब देशों ने भी कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने को भारत का अंदरूनी मुद्दा बताया है। बता दें कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से पाक बौखलाकर भारत के खिलाफ अभियान चला रहा है। यहां तक कि इस मुद्दे पर उसने युद्ध तक की धमकी भी दे डाली लेकिन पाक के साथ कोई देश नहीं आया है।

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