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Spying Case: नौसेना की जासूसी मामले में दो और आरोपियों को पांच साल से अधिक की जेल, पांच-पांच हजार का जुर्माना

Fri, 07 Nov 2025 10:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 07 Nov 2025 10:52 PM IST
सार

Spying Case: भारतीय नौसेना की जासूसी के मामले में दो और आरोपियों को पांच साल दस महीने की जेल और जुर्माने की सजा दी गई। एनआईए की जांच में पता चला कि ये आरोपी पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों के संपर्क में थे और संवेदनशील जानकारी साझा कर रहे थे। अब तक कुल छह आरोपी दोषी पाए जा चुके हैं और उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है।

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Two more accused get over five years imprisonment in Pak-linked Visakhapatnam Navy spying case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

विशाखापत्तन में पाकिस्तान के लिए नौसेना की जासूसी के मामले में दो और आरोपियों को पांच साल और दस महीने की सजा सुनाई गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।  
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जांच एजेंसी ने एक बयान में बताया कि एनआईए की विशेष अदालत ने विशाखापत्तनम जिले के कलवलपत्ती कोंडा बाबू और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के अवियांश सोमाल को साधारण कारावास की पांच साल और दस महीने की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है और अगर भुगतान नहीं किया गया तो अतिरिक्त एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा।
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अब तक इस मामले में कुल छह आरोपी दोषी करार दिए जा चुके हैं और उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है। यह मामला विदेशी जासूसों या उनके एजेंटों की ओर से भारतीय नौसेना की अहम संस्थाओं और प्रतिष्ठानों में जासूसी से जुड़ा था, जिसका मकसद देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालना था। दोषी पाए गए दो आरोपी दिसंबर 2019 में मुंबई (महाराष्ट्र) और करवार (कर्नाटक) से गिरफ्तार किए गए थे। एनआईए की जांच में पता चला कि ये लोग व्हाट्सएप के जरिए विदेशी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थे और भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों, तैनाती आदि से संबंधित संवेदनशील और गोपनीय जानकारी साझा करने में शामिल थे।


एनआईए की जांच में पाया गया कि दोनों व्यक्ति पहले फेसबुक से पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों के संपर्क में आए थे। उन्होंने पाकिस्तानी एजेंटों से गोपनीय और संवेदनशील जानकारी के बदले मौद्रिक लाभ हासिल किया, जो आरोपी अब्दुल रहमान, हारून लकड़वाला, शायस्ता कैसर और इमरान गिटेली के माध्यम से दिया गया, जिन्हें इस साल पहले ही दोषी करार दिया जा चुका था। एनआईए के मुताबिक, इन चार आरोपियों ने जासूसी की साजिश के हिस्से के रूप में पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के निर्देश पर विभिन्न राशियां दोषियों के खातों में जमा कराई थीं। 

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एनआईए ने दिसंबर 2019 में आंध्र प्रदेश पुलिस, विजयवाड़ा (खुफिया रोधी थाना) से जांच को अपने हाथ में लिया था और वर्षों में कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जून 2020 में एजेंसी ने 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया और मार्च 2021 में एक और आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल की गई।

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