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फर्जीवाड़ा: 30 हजार के लिए बहन बनी पत्नी
विरमेंद्र शर्मा/अमर उजाला, रामपुर
Updated Mon, 16 May 2016 04:25 AM IST
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लालच क्या न कराए...। सरकारी योजनाओं और संपत्ति के लोभ में लोग रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार करने से नहीं चूक रहे। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में महज 30 हजार रुपये पाने के लिए एक बहन ने अपने मृत भाई की पत्नी बनकर मृत्यु प्रमाणपत्र का आवेदन कर दिया।
एक व्यक्ति का अपनी पत्नी से तलाक हुआ तो उसने संपत्ति के लिए पत्नी को मृतक घोषित कर मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल करने की कोशिश शुरू कर दी। ऐसे ही कई केस नगर पालिका में मृत्यु प्रमाण पत्र पाने के आवेदनों की जांच में सामने आए हैं।
कुछ मामलों में नगर पालिका परिषद ने एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी शुरू कर दी है। दरअसल सरकारी योजना हो अथवा संपत्ति का मामला हर एक में मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य है। ऐसे ही दो मामले इस खबर के साथ दिये जा रहे हैं जिनसे पता चलता है कि रुपयों के लिए रिश्ते कितने बेमानी हो चुके हैं।
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एक व्यक्ति का अपनी पत्नी से तलाक हुआ तो उसने संपत्ति के लिए पत्नी को मृतक घोषित कर मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल करने की कोशिश शुरू कर दी। ऐसे ही कई केस नगर पालिका में मृत्यु प्रमाण पत्र पाने के आवेदनों की जांच में सामने आए हैं।
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कुछ मामलों में नगर पालिका परिषद ने एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी शुरू कर दी है। दरअसल सरकारी योजना हो अथवा संपत्ति का मामला हर एक में मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य है। ऐसे ही दो मामले इस खबर के साथ दिये जा रहे हैं जिनसे पता चलता है कि रुपयों के लिए रिश्ते कितने बेमानी हो चुके हैं।
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सरकारी योजनाओं का लाभ लेने को रिश्ते बन रहे मजाक
- केस एक
नगर क्षेत्र की एक महिला ने नगर पालिका परिषद में अपने पति की मृत्यु बताकर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। उसके आवेदन पर सफाई निरीक्षक आवेदन में भरे गए पते पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने मृतक और आवेदनकर्ता के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि आवेदनकर्ता महिला मृतक की पत्नी नहीं बल्कि बहन है। इस जानकारी पर वह एकबारगी भौचक रह गए।
- केस दो
नगर क्षेत्र के ही एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी का मृत्यु प्रमाणपत्र पाने के लिए आवेदन किया था। संबंधित सफाई निरीक्षक को जांच सौंपी गई। जांच में पता चला कि जिस महिला को मृत दर्शाकर आवेदन किया गया था वह जीवित है। हैरत में पड़े सफाई निरीक्षक ने महिला की खोजबीन शुरू की तो खुलासा हुआ कि उसके शौहर ने तलाक दे दिया है। जब पति से उन्होंने पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र पाने के लिए फर्जी आवेदन करने के बाबत पूछा तो उसने कहा- जब तलाक हो गया तो उनके लिए वह मर ही गई।
- सरकारी योजनाओं, संपत्ति को अपने नाम कराने आदि को लेकर लोग गलत तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र पाने की कोशिश करते हैं। कुछ ऐसे ही गंभीरमामले जांच में उजागर हुए हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए रिश्ते तक बदल दिये। इन सभी के आवेदनों को अलग रखवाया गया है। उच्चाधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई है। उच्चाधिकारियों की अनुमति मिलने पर फर्जी आवेदन करने वालों पर कार्रवाई पी की जाएगी।
-तेजपाल सिंह वर्मा, सहायक रजिस्ट्रार-नगर पालिका
नगर क्षेत्र की एक महिला ने नगर पालिका परिषद में अपने पति की मृत्यु बताकर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। उसके आवेदन पर सफाई निरीक्षक आवेदन में भरे गए पते पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने मृतक और आवेदनकर्ता के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि आवेदनकर्ता महिला मृतक की पत्नी नहीं बल्कि बहन है। इस जानकारी पर वह एकबारगी भौचक रह गए।
- केस दो
नगर क्षेत्र के ही एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी का मृत्यु प्रमाणपत्र पाने के लिए आवेदन किया था। संबंधित सफाई निरीक्षक को जांच सौंपी गई। जांच में पता चला कि जिस महिला को मृत दर्शाकर आवेदन किया गया था वह जीवित है। हैरत में पड़े सफाई निरीक्षक ने महिला की खोजबीन शुरू की तो खुलासा हुआ कि उसके शौहर ने तलाक दे दिया है। जब पति से उन्होंने पत्नी के मृत्यु प्रमाणपत्र पाने के लिए फर्जी आवेदन करने के बाबत पूछा तो उसने कहा- जब तलाक हो गया तो उनके लिए वह मर ही गई।
- सरकारी योजनाओं, संपत्ति को अपने नाम कराने आदि को लेकर लोग गलत तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र पाने की कोशिश करते हैं। कुछ ऐसे ही गंभीरमामले जांच में उजागर हुए हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए रिश्ते तक बदल दिये। इन सभी के आवेदनों को अलग रखवाया गया है। उच्चाधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गई है। उच्चाधिकारियों की अनुमति मिलने पर फर्जी आवेदन करने वालों पर कार्रवाई पी की जाएगी।
-तेजपाल सिंह वर्मा, सहायक रजिस्ट्रार-नगर पालिका