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2021 में ममता के पैर में सच में फ्रैक्चर हुआ था?: शुभेंदु ने रिपोर्ट जारी की, टीएमसी का पलटवार; ऋतब्रत का तंज
Sun, 04 Oct 2026 02:29 AM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, कोलकाता।
आईएएनएस, कोलकाता।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 04 Oct 2026 02:29 AM IST
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बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी
- फोटो : पीटीआई
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शनिवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से सार्वजनिक की गई जांच रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। अधिकारी ने इस रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पैर टूटने का झूठा दावा करने का आरोप लगाया। नंदीग्राम पूर्व मेदिनीपुर जिले का विधानसभा क्षेत्र है।
शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए यह आरोप लगाया। उन्होंने 11 मार्च 2021 की बांगुर तंत्रिका विज्ञान संस्थान की जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक की। इसके कुछ घंटे बाद तृणमूल कांग्रेस ने इस रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया।
उत्तर कोलकाता की बेलीघाटा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने रिपोर्ट की प्रामाणिकता को चुनौती दी। वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।
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क्या रिपोर्ट में छेड़छाड़ की गई?
पत्रकार से नेता बने कुणाल घोष ने सीधे तौर पर कहा कि रिपोर्ट में छेड़छाड़ की गई हो सकती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है। ऐसे में रिपोर्ट की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कुणाल घोष ने यह भी कहा कि जब किसी बुजुर्ग व्यक्ति को चोट लगती है, तो इलाज का तरीका डॉक्टर तय करते हैं। उन्होंने कहा, चोट लगी टांग पर पट्टी बांधनी है या फ्रैक्चर के मामले की तरह प्लास्टर करना है, यह संबंधित डॉक्टर तय करते हैं।
घोष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर ममता बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से बदनाम करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी राजनीतिक रूप से ममता बनर्जी का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं।
ममता पर किसने कसा तंज?
जहां कुणाल घोष ने ममता बनर्जी का बचाव किया, वहीं तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी पर तंज कसा। ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल की पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी में 'बागी लेकिन बहुमत' वाले गुट के नेता हैं।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को आम लोगों को गुमराह करने की उनकी क्षमता के लिए अब विशेष पुरस्कार दिया जाना चाहिए। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, मैं मौजूदा राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर ममता बनर्जी को यह विशेष पुरस्कार दिया जाए।
2021 में क्या हुआ था?
2021 में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। उन्हें अधिकारी ने 2,000 से भी कम वोटों के अंतर से हराया था। बाद में ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव में जीतीं। इसके साथ ही उन्होंने लगातार तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के तौर पर अपना पद बरकरार रखा।
पैर में चोट को लेकर क्या दावा था?
2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम में चुनाव प्रचार करते समय ममता बनर्जी के घायल होने की खबर सामने आई थी। उस समय उन्होंने पैर पर प्लास्टर लगा रखा था। वह व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रचार करती दिखाई दी थीं।
शनिवार को शुभेंदु अधिकारी ने उनके पैर में फ्रैक्चर होने के दावे को मनगढ़ंत बताया। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में जांच रिपोर्ट का हवाला दिया। अधिकारी ने यह भी कहा कि राज्य प्रशासन ममता बनर्जी के इस कथित झूठे दावे को लेकर अलग से जांच शुरू करेगा।
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शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए यह आरोप लगाया। उन्होंने 11 मार्च 2021 की बांगुर तंत्रिका विज्ञान संस्थान की जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक की। इसके कुछ घंटे बाद तृणमूल कांग्रेस ने इस रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया।
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उत्तर कोलकाता की बेलीघाटा विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने रिपोर्ट की प्रामाणिकता को चुनौती दी। वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।
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क्या रिपोर्ट में छेड़छाड़ की गई?
पत्रकार से नेता बने कुणाल घोष ने सीधे तौर पर कहा कि रिपोर्ट में छेड़छाड़ की गई हो सकती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है। ऐसे में रिपोर्ट की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कुणाल घोष ने यह भी कहा कि जब किसी बुजुर्ग व्यक्ति को चोट लगती है, तो इलाज का तरीका डॉक्टर तय करते हैं। उन्होंने कहा, चोट लगी टांग पर पट्टी बांधनी है या फ्रैक्चर के मामले की तरह प्लास्टर करना है, यह संबंधित डॉक्टर तय करते हैं।
घोष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर ममता बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से बदनाम करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी राजनीतिक रूप से ममता बनर्जी का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं।
ममता पर किसने कसा तंज?
जहां कुणाल घोष ने ममता बनर्जी का बचाव किया, वहीं तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी पर तंज कसा। ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल की पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी में 'बागी लेकिन बहुमत' वाले गुट के नेता हैं।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को आम लोगों को गुमराह करने की उनकी क्षमता के लिए अब विशेष पुरस्कार दिया जाना चाहिए। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, मैं मौजूदा राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर ममता बनर्जी को यह विशेष पुरस्कार दिया जाए।
2021 में क्या हुआ था?
2021 में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। उन्हें अधिकारी ने 2,000 से भी कम वोटों के अंतर से हराया था। बाद में ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव में जीतीं। इसके साथ ही उन्होंने लगातार तीसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के तौर पर अपना पद बरकरार रखा।
पैर में चोट को लेकर क्या दावा था?
2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम में चुनाव प्रचार करते समय ममता बनर्जी के घायल होने की खबर सामने आई थी। उस समय उन्होंने पैर पर प्लास्टर लगा रखा था। वह व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रचार करती दिखाई दी थीं।
शनिवार को शुभेंदु अधिकारी ने उनके पैर में फ्रैक्चर होने के दावे को मनगढ़ंत बताया। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में जांच रिपोर्ट का हवाला दिया। अधिकारी ने यह भी कहा कि राज्य प्रशासन ममता बनर्जी के इस कथित झूठे दावे को लेकर अलग से जांच शुरू करेगा।