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कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में भी महिलाओं को पूजा की इजाजत
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
Updated Tue, 12 Apr 2016 06:37 AM IST
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महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर स्थित शनि मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद अब कोल्हापुर के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर के गर्भगृह में भी महिलाओं को प्रवेश दिया जाएगा। रविवार को पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति, श्रीपूजक समिति के साथ पुलिस अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। वहीं, नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पुरुषों को ‘शिव लिंग’ की पूजा की अनुमति दी गई है, लेकिन महिलाओं के प्रवेश पर रोक जारी रहेगी।
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सोमवार को त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद के मुख्याधिकारी व ट्रस्टी निवरत्ती नागरे की अध्यक्षता में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक हुई। उसके बाद नागरे ने बताया कि त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट की बैठक में मंदिर के गर्भगृह में पुरुषों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के पूर्व के प्रस्ताव को रद कर दिया गया है।
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हालांकि सदियों से जारी महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसी महीने तीन अप्रैल को त्र्यंबकेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पुरुषों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई थी, लेकिन अपने फैसले को पलटते हुए ट्रस्ट ने पुरानी परंपरा को जारी रखते हुए पुरुष श्रद्धालुओं को सुबह छह से सात बजे के बीच जाने की अनुमति दी है, लेकिन महिलाएं पहले की तरह बाहर से ही दर्शन कर सकेंगी।
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त्र्यंबकेश्वर मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य के मुताबिक गर्भगृह में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध वर्षों पुरानी परंपरा है और इसे हाल में लागू नहीं किया गया है। यह प्रतिबंध पेशवा काल से लागू है। मंदिर के कुछ पुजारियों का कहना है कि अधिकतर महिला श्रद्धालु इस परंपरा का उल्लंघन खुद ही नहीं करना चाहती।
उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि गर्भगृह में कुछ विकिरणें होती हैं, जो महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। वहीं, पूर्व नगराध्यक्ष भाजपा नेता प्रशांत तुंगारे ने बताया कि स्थानीय नागरिकों के दबाव के चलते मंदिर ट्रस्ट को यह निर्णय लेने के लिए बाध्य होना पड़ा है।