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समुद्री मार्ग से फिर शुरू हो सकती है हज यात्रा, सरकार ने गठित की समिति

Fri, 14 Apr 2017 08:28 PM IST
amarujala.com, Presented By : अनंत पालीवाल
amarujala.com, Presented By : अनंत पालीवाल Updated Fri, 14 Apr 2017 08:28 PM IST
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travel for haj may soon be start via sea route, government forms committee
haj - फोटो : demo pic

केंद्र सरकार हज यात्रा के लिए समुद्र मार्ग के विकल्प का फिर से इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है। अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को मुंबई स्थित हज हाउस में एक हज प्रशिक्षण कार्यक्रम में ये जानकारी दी।

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उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट के 2012 के आदेश के आलोक में हज नीति 2018 बनाने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। यह समिति हज यात्रियों को समुद्र मार्ग से जद्दा भेजने के विकल्प को फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है।
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उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को पानी के जहाजों से भेजने पर हवाई किराये के मुकाबले यात्रा खर्च को करीब आधा कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जहाजरानी मंत्रालय से बातचीत चल रही है।  
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मुंबई से जद्दा के बीच हज यात्रियों को जलमार्ग से यात्रा कराने की व्यवस्था पर 1995 में रोक लगा दी गई थी। वर्तमान में हज यात्री देश भर के 21 केंद्रों से हवाई जहाज द्वारा उड़ान भरते हैं। नकवी ने कहा कि समुद्र मार्ग के विकल्प का फायदा यह है कि ये जहाज आधुनिक हैं और 4,000 से 5,000 लोगों को एक बार में ढोने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं।


उन्होंने कहा कि ये जहाज 2300 नॉटिकल मील की दूरी दो से तीन दिनों में पूरी कर सकते हैं। पहले पुराने जहाजों को यह दूरी तय करने में 12 से 15 दिन लगते थे। नकवी ने कहा कि उच्च स्तरीय समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी। 

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