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Army Commanders Conference: चीन व पाक सीमा के हालात पर मंथन, शीर्ष सैन्य अधिकरियों की दो दिनी बैठक शुरू
Thu, 23 Dec 2021 10:46 PM IST
सुरेंद्र जोशी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 23 Dec 2021 10:46 PM IST
सार
सैन्य कमांडरों ने सीमा सुरक्षा की स्थिति के साथ ही जम्मू कश्मीर के हालात पर भी विचार किया। चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर हादसे में निधन के बाद शीर्ष कमांडरों की यह पहली बैठक है।
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जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
- फोटो : pti
विस्तार
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के नेतृत्व में देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की दो दिनी आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस गुरुवार को राजधानी दिल्ली में शुरू हुई। पहले दिन इसमें चीन व पाकिस्तान सीमा के हालात पर मंथन किया गया। सेना के शीर्ष अधिकारियों ने वरिष्ठ रैंकों के लिए पदोन्नति बोर्ड आयोजित किए।
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सैन्य कमांडरों ने सीमा सुरक्षा की स्थिति के साथ ही जम्मू कश्मीर के हालात पर भी विचार किया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर हादसे में निधन के बाद शीर्ष कमांडरों की यह पहली बैठक है। जनरल बिपिन रावत की 8 दिसंबर को अपनी पत्नी और 12 अन्य कर्मियों के साथ एक हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी।
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दो दिनी बैठक के पहले दिन सेना के कमांडरों को पूर्वी सेक्टर में चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की गतिविधियों सहित सीमा की स्थिति से अवगत कराया गया। चीन द्वारा एकतरफा आक्रामकता दिखाने के बाद पिछले साल अप्रैल-मई से भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध बना हुआ है। भारत ने चीनी आक्रमण का बहुत आक्रामक तरीके से जवाब दिया और कई स्थानों पर उसकी हरकतों की जांच की। गलवान झड़प भी हुई, जिसमें दोनों पक्ष के जवान हताहत हुए।
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भारत क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन दुश्मन सैनिकों द्वारा किसी भी दुस्साहस को विफल करने के लिए उच्च स्तर की तैयारी भी बनाए हुए है। दोनों पक्षों ने भारी हथियारों के साथ बड़ी संख्या में जवानों को इलाके में तैनात कर रखा है। बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण भी किया गया है।