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क्रिसिल रिसर्च: भारी बारिश से सब्जियों की कीमतें बढ़ीं, अगले दो महीने तक टमाटर बिकेगा महंगा

Fri, 26 Nov 2021 06:10 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 26 Nov 2021 06:10 PM IST
सार

अभी टमाटर 47 रुपये प्रति किलो बिक रहा है और ताजा आवक शुरू होने के बाद कीमत में 30 प्रतिशत की गिरावट आएगी। 

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tomato prices to remain elevated for two more months: Crisil Research 
टमाटर के दाम बढ़े - फोटो : Pixabay

विस्तार

क्रिसिल रिसर्च ने कहा है कि खराब और अधिक बारिश के कारण सब्जियों की कीमतों में तेजी आई है और टमाटर की कीमत दो और महीनों तक ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी। टमाटर के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में से एक कर्नाटक में स्थिति इतनी गंभीर है कि इसे महाराष्ट्र के नासिक से भेजा जा रहा है। इस बीच सरकार का भी कहना है कि नई फसल आते ही टमाटर के दाम नियंत्रण में आ जाएंगे।

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कर्नाटक, आंध्र, महाराष्ट्र में भारी बारिश
क्रिसिल रिसर्च ने कहा कि जरूरत से अधिक बारिश के कारण कर्नाटक (सामान्य से 105 प्रतिशत अधिक), आंध्र प्रदेश (सामान्य से 40 प्रतिशत अधिक) और महाराष्ट्र (22 प्रतिशत) में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। अक्टूबर-दिसंबर की अवधि के दौरान ये राज्य प्रमुख आपूर्तिकर्ता होते हैं। 25 नवंबर तक कीमतों में 142 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और मध्य प्रदेश व राजस्थान में फसल की कटाई जनवरी से शुरू होने तक दो और महीनों तक दाम अधिक बने रहेंगे।
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अभी टमाटर 47 रुपये प्रति किलो बिक रहा है और ताजा आवक शुरू होने के बाद कीमत में 30 प्रतिशत की गिरावट आएगी। प्याज के मामले में रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त में कम बारिश के कारण महाराष्ट्र के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में रोपाई में देरी हुई, जिसके कारण अक्टूबर में आवक में देरी हुई जिससे सितंबर की तुलना में प्याज की कीमतों में 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
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आलू की बुवाई भी प्रभावित
हालांकि, प्याज के मामले में हरियाणा से ताजा आवक 10-15 दिनों में शुरू होने की उम्मीद है, जिससे कीमतों में गिरावट आएगी। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और गुजरात में अत्यधिक बारिश के कारण रबी की एक और फसल आलू की बुवाई का मौसम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शोधकर्ताओं की जमीनी बातचीत से पता चलता है कि खेतों में अत्यधिक जलजमाव से आलू की फिर से बुवाई हो सकती है, जिससे किसानों की लागत बढ़ेगी। अगर भारी बारिश जारी रही तो दो और महीनों के लिए कीमतें अधिक बनी रहेंगी। 

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