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Cancer: 27 फीसदी कैंसर की वजह तंबाकू, पांच साल से नहीं बढ़ा टैक्स
Mon, 31 Oct 2022 06:31 AM IST
देव कश्यप
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 31 Oct 2022 06:31 AM IST
सार
बीते सितंबर माह में जारी संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 तक इन उत्पादों की वजह से देश में 4.27 लाख से ज्यादा लोग कैंसर की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में देश के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने की जरूरत है।
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तंबाकू उत्पाद (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
देश में सालाना कैंसर मरीजों में औसतन 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो रही है। 2010 में आठ लाख से बढ़कर 2020 तक मरीजों की संख्या 13 लाख पार कर गई। इनमें 27 फीसदी यानी 10 में से करीब तीन मरीज तंबाकू उत्पादों की वजह से कैंसर की चपेट में आए है।
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बीते सितंबर माह में जारी संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 तक इन उत्पादों की वजह से देश में 4.27 लाख से ज्यादा लोग कैंसर की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में देश के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने की जरूरत है। बीते पांच साल से बीड़ी, सिगरेट, गुटखा या अन्य तंबाकू उत्पादों पर सरकार ने टैक्स नहीं बढ़ाया है। विशेषज्ञों ने इस मांग को लेकर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील भी की है।
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संसदीय समिति ने की थी सिफारिश
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी संसद की स्थायी समिति ने राज्यसभा में सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि देश में तंबाकू और शराब के उपभोग को हतोत्साहित करने की त्वरित जरूरत है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में तंबाकू से जुड़े कैंसर के बड़ी संख्या में मामले आने का कारण इस क्षेत्र में अधिक मात्रा में तंबाकू का उपभोग है। राष्ट्रीय स्तर पर तंबाकू के 28 फीसदी प्रचलन में होने की तुलना में पूर्वोत्तर के राज्यों में यह 60 फीसदी तक है।
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- भारत में बीड़ी बहुत सस्ती हैं, एक औसत पैक बीड़ी की कीमत सिर्फ 4 रुपये है। इस पर टैक्स बहुत कम है। खुदरा मूल्य का केवल 9 फीसदी औसत।
- सिगरेट पर टैक्स खुदरा मूल्य से लगभग 38 फीसदी है। यह दर विश्व बैंक द्वारा अनुशंसित (65 फीसदी से 80 फीसदी तक) की तुलना में काफी कम है।
- अलग अलग अध्ययन से पता चलता है कि 10% तंबाकू के दाम बढ़ने से बीड़ी की खपत 9.1% और सिगरेट के सेवन में 2.6% की गिरावट आ सकती है।