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Election Commission: मतदाता सूची में अब नाम जुड़ना और कटना आसान नहीं, चुनाव आयोग ने शुरू की ई-सत्यापन प्रणाली
Thu, 25 Sep 2025 06:23 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 25 Sep 2025 06:23 AM IST
सार
एक अधिकारी ने बताया, ऐसे मामले हो सकते हैं जहां नाम हटाने का इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करते समय किसी और का नाम या फोन नंबर दे देता हो। यह अतिरिक्त सुविधा इस तरह के दुरुपयोग पर रोक लगाएगी। ई-सत्यापन की प्रक्रिया आयोग ने एक सप्ताह पहले ही आरंभ की है।
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चुनाव आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रावधान का दुरुपयोग न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने ई-सत्यापन प्रक्रिया शुरू की है। अब मतदाता सूची में नाम हटाने या नाम शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराने वालों को उनके पंजीकृत मोबाइल फोन पर वन-टाइम पासवर्ड मिलेगा। इसके जरिये सत्यापन होने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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एक अधिकारी ने बताया, ऐसे मामले हो सकते हैं जहां नाम हटाने का इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करते समय किसी और का नाम या फोन नंबर दे देता हो। यह अतिरिक्त सुविधा इस तरह के दुरुपयोग पर रोक लगाएगी। ई-सत्यापन की प्रक्रिया आयोग ने एक सप्ताह पहले ही आरंभ की है। अधिकारियों ने दावा किया कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में गलत तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाए जाने संबंधी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों की प्रतिक्रिया में ऐसा नहीं किया गया है। चुनाव आयोग ने इस बारे में कहा, किसी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता उस विशेष निर्वाचन क्षेत्र से किसी प्रविष्टि को हटाने के लिए ऑनलाइन फॉर्म 7 भर सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि फॉर्म-7 जमा करने मात्र से प्रविष्टि स्वतः हटा दी जाती है। अलंद में वोटरों के नाम हटाने के लिए 6,018 फॉर्म 7 आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए। सत्यापन के बाद, केवल 24 आवेदन सही पाए गए, जबकि 5,994 गलत पाए गए। इसलिए केवल 24 नाम काटे गए जबकि 5,994 गलत आवेदनों को खारिज कर दिया गया।
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राहुल का दावा, मेरे कहने पर वोट चोरी पर लगा ताला
राहुल गांधी ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि चुनाव आयोग ने वोट चोरी पर ताला तभी लगाया जब उन्होंने यह मामला उठाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पूछा कि वह अलंद में नाम हटाने के बारे में कर्नाटक सीआईडी को सबूत कब देंगे। राहुल ने कहा, ज्ञानेश जी, हमने चोरी पकड़ी और तभी आपको ताला लगाने की याद आई। अब हम चोरों को भी पकड़ेंगे।
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