Opposition Unity: टीएमसी MP ब्रायन बोले- नवीन पटनायक फासीवाद का ले रहे पक्ष, बीजद अनौपचारिक रूप से BJP के साथ
राज्यसभा में तृणमूल के नेता ओ ब्रायन ने कहा, दो लोग हैं जो फासीवाद का पक्ष ले रहे हैं और उनमें से एक नवीन पटनायक हैं जो अनौपचारिक रूप से भाजपा के साथ हैं। वह आरएसएस को खुश करने के लिए काम कर रहे हैं।
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ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से संपर्क मुश्किल होने का संकेत देते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने सोमवार को कहा कि बीजू जनता दल (बीजद) अनौपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ है।
एक तरफ भाजपा और दूसरी तरफ विपक्षी दलों के साथ संतुलन बनाने के लिए जाने जाने वाले पटनायक ने 27 मई को नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में भाग नहीं लिया था और अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे। हालांकि, जब विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह से पूरी तरह से दूरी बनाई, तो बीजद प्रमुख ने उद्घाटन समारोह में पार्टी के 21 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजा और इस तरह गैर-भाजपा दलों द्वारा कार्यक्रम के बहिष्कार के फैसले से खुद को भी दूर रखा।
राज्यसभा में तृणमूल के नेता ओ ब्रायन ने कहा, दो लोग हैं जो फासीवाद का पक्ष ले रहे हैं और उनमें से एक नवीन पटनायक हैं जो अनौपचारिक रूप से भाजपा के साथ हैं। वह आरएसएस को खुश करने के लिए काम कर रहे हैं। वह मणिपुर में खतरनाक स्थिति या वहां 250 चर्चों को जलाने के बारे में नहीं बोलेंगे।
विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता पटनायक को अपने खेमे में शामिल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस कवायद में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले दिनों ओडिशा में पटनायक से मुलाकात की थी।
माना जाता है कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख नीतीश कुमार ने पटनायक से मुलाकात की थी ताकि वे इस क्षेत्र के चार राज्यों- बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा को पूर्वी समूह के हिस्से के रूप में उनसे विपक्षी पंक्ति में शामिल होने का आग्रह किया जा सके। इन चार राज्यों में लोकसभा की 117 सीटें हैं। हालांकि, 2008 में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर हो चुके पटनायक ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी विपक्षी तीसरे मोर्चे का हिस्सा नहीं होगी।
गौरतलब है कि अगले साल होने वाले आम चुनाव की रणनीति बनाने के लिए विपक्षी नेता 23 जून को पटना में बैठक कर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सभी विपक्षी नेताओं ने तीन व्यापक बातों पर सहमति जताई है। इनमें अगली बैठक की तारीख, स्थान और संबंधित पार्टी प्रमुखों की उपस्थिति शामिल है।